मीडिया Now - जब वहीदा ने नरगिस को कहा "आपका पति आपका है"

जब वहीदा ने नरगिस को कहा "आपका पति आपका है"

medianow 03-05-2021 21:24:29


वीर विनोद छाबड़ा / सुनील दत्त और वहीदा रहमान अच्छे मित्र थे. 'मुझे जीने दो' की तवायफ़ चमेली जान वहीदा ही बनीं थीं. रात भी है कुछ भीगी भीगी...नदी नारे न जाऊं शाम पइयां पडूं...तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ...मशहूर गाने थे वहीदा पर ही फ़िल्माये गए थे. बरसों बाद सुनील दत्त ने 'रेशमा और शेरा' (1971) की रेशमा के लिए वहीदा को फिर याद किया. वहीदा ने यादगार परफॉरमेंस दी. बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवार्ड भी मिला उन्हें.

इस फिल्म के साथ एक दिलचस्प किस्सा भी जुड़ा है. शूटिंग राजस्थान के किसी रेतीले इलाके में चल रही थी. कई दिन का शैड्यूल था. फ़िल्मी रिसालों के गॉसिप कॉलमों में दत्त साहब और वहीदा के रोमांस की ख़बरें तैरने लगीं. वैसे तो नरगिस जी को अपने शौहर पर यक़ीन था. मगर मर्द का मन चंचल होता है. ये सोच कर नरगिस को शक़ हुआ कि उनके पति और वहीदा का सचमुच में अफेयर तो नहीं है. एक दिन वो चुपचाप शूटिंग पर पहुंच गयीं. इसे छापा मारना ही समझिये. लेकिन वहां सब कुछ सामान्य दिखा.  इधर वहीदा सब समझ गयीं.  उन्होंने नरगिस को आश्वासन दिया, आपके पति को आपसे कोई नहीं छीन सकता. मैं गारंटी देती हूँ.  नरगिस मुस्कुरा दीं और वापस बंबई आ गयीं. 
- लेखक एक नामी फिल्म समीक्षक हैं

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