मीडिया Now - यूपी पंचायत चुनाव: काशी, मथुरा, अयोध्या में भाजपा को लगा बड़ा झटका, जानिए सपा ने कैसे बदला सियासी मारी

यूपी पंचायत चुनाव: काशी, मथुरा, अयोध्या में भाजपा को लगा बड़ा झटका, जानिए सपा ने कैसे बदला सियासी मारी

medianow 04-05-2021 10:27:01


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव के नतीजों से सत्तारूढ़ योगी आदित्यनाथ सरकार को बड़ा झटका लगा है। सूबे की बीजेपी सरकार के एजेंडे में शामिल तीन जिलों- वाराणसी, अयोध्या और मथुरा में समाजवादी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। योगी सरकार के चार सालों के कार्यकाल में इन तीनों जिलों पर विशेष फोकस रहा है। पंचायत चुनाव के नतीजे बीजेपी सरकार के लिए झटका देने वाले साबित हुए हैं।

वाराणसी में भी बीजेपी को झटका
सबसे पहले वाराणसी में गौर करें तो विधान परिषद के चुनाव के बाद अब पंचायत के चुनाव में भी बीजेपी को शिकस्त मिली है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में जिला पंचायत की 40 में से महज 8 सीटें ही बीजेपी के खाते में आई हैं। वहीं सपा के खाते में 14 सीटें और बीएसपी के खाते में 5 सीटें आई हैं। यहां अपना दल (एस) को 3 सीटें, आम आदमी पार्टी और सुभासपा को 1-1 सीटें मिली हैं। वहीं 3 निर्दलीय कैंडिडेट को जीत मिली है।

मथुरा में BSP और RLD का जलवा
इसी तरह कान्हा की नगरी मथुरा में भी बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। यहां मायावती की बीएसपी ने 12 और चौधरी अजीत सिंह की राष्ट्रीय लोकदल ने 9 सीटों पर परचम लहराया है। बीजेपी की झोली में 8 सीटें आईं। वहीं सपा ने एक सीट मात्र से अपना खाता ही खोला। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका और 3 निर्दलीय प्रत्याशी जीत गए। इस बेल्ट के किसानों ने भी कृषि आंदोलन के विरोध में प्रदर्शन किया था।

अयोध्या में लहराया सपा का परचम
वहीं अयोध्या में भी बीजेपी का हाल खस्ता ही रहा। जिले की 40 जिला पंचायत सीटों में से 24 पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है। बीजेपी के खाते में महज 6 सीटें ही आईं। बाकी पर निर्दलियों ने कब्जा जमाया। जनपद में करीब एक दर्जन बीजेपी नेताओं ने टिकट ना मिलने की वजह से बगावत कर दिया था।

अयोध्या-मथुरा-काशी तीनों ही जिले बीजेपी के सियासी एजेंडे में हमेशा से शामिल रहे हैं। इनके नाम पर ही बीजेपी सियासत करती आ रही है। देश और प्रदेश दोनों ही जगहों पर बीजेपी की ही सरकार है। अयोध्या में भी राममंदिर का निर्माण हो रहा है, जिसका पूरा श्रेय बीजेपी खुद लेती है। वाराणसी भी लगातार 2 बार से पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। अयोध्या के बाद अब बीजेपी ने मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि और वाराणसी के ज्ञानवानी मस्जिद पर भी कदम बढ़ा दिए हैं। 8 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव के सेमीफाइनल में मिली शिकस्त योगी सरकार के लिए बड़ा झटका है।

पंचायत चुनाव 2022 का लिटमस टेस्ट

बता दें कि बीजेपी की स्थापना के दौर से ही अयोध्या-मुथरा-काशी एजेंडे में शामिल रहा है. बीजेपी इन तीनों जिलों के नाम पर अपनी सियासत यूपी में नहीं बल्कि देश भर में करती रही है. ऐसे में बीजेपी का इन तीनों जिलों में करारी हार होना बड़ा झटका है. वहीं, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में लगातार सपा बीजेपी को मात देती जा रही है. मथुरा में बसपा का नंबर वन पर आना यह बता रहा है कि मायावती का सियासी असर अभी खत्म नहीं हुआ है. 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक आठ महीने पहले पंचायत चुनाव को 2022 का सेमीफाइनल माना जा रहा था. यह चुनाव सत्ताधारी बीजेपी के साथ-साथ विपक्षी समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस के लिए भी अहम है. गांवों की सरकार के लिए हो रहे इस चुनाव में पार्टियों की असली ताकत जिला पंचायत से तय होती है. जिला पंचायत चुनाव के अब तक के नतीजों में सपा एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है और अयोध्या-मथुरा-काशी में बीजेपी की करारी हार योगी सरकार की नींद उड़ा दी है. वहीं, दूसरी ओर राज्य की राजनीति में ये सवाल भी उछाल दिया है कि सूबे में लगभग अजेय नजर आ रही भाजपा के मुकाबले क्या समाजवादी पार्टी अपनी राजनीति की गति अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों तक बरकरार रख पाएगी? 

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :