मीडिया Now - हर फ़टे में पैर फँसाने को आतुर

हर फ़टे में पैर फँसाने को आतुर

medianow 09-05-2021 10:41:34


नवीन जैन, स्वतंत्र पत्रकार / This is horrible . We need super gundai to kill the gundai . She is like an unleashed monster ,to tame her Modiji Please show your virat roop during 2000 decade  Presidet rule .अंग्रेजी में बॉलीवुड अभिनेत्री पद्मश्री अवार्डी कंगना रानोत का वह ट्वीट है ,जिसके कारण मई चार को ट्विटर प्रबंधन ने उनका एकाउंट हरदम के लिए सस्पेंड कर दिया है।इस ट्वीट का हिंदी भावा अनुवाद हुआ ,यह बहुत हौलनाक स्तिथि है । हमें इस गुंडई को समाप्त करने के लिए अति गुंडई का सहारा लेना पड़ेगा। मोदीजी  ,आपसे निवेदन है कि आप अपना 2000 दशक वाला विराट रूप दिखाएँ ।कंगना ने राष्ट्रपति शाशन की भी बात कही है। सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर ,जो असंयमित ,अमर्यादित ,संवेदनाहीन ही नहीं अक्सर भड़काऊ भाषा ,और विचारों को उक्त अभिनेत्री शोशेबाजी  कर रही थी ,उसे देखते हुए बहुत पहले ही इनके ट्विटर खाते को बंद कर दिया जाना चाहिए था ,पर पता नहीं यह एक्शन इतनी देर से क्यों लिया गया।

कंगना रानोत को न जाने क्यों यह गलतफहमी है कि वे चलता फिरता इनसाक्लोपीडिया ,विकीपीडिया  गूगल हैं। यूँ किसी के कम पढ़े  लिखे का हवाला देना उचित नहीं है ,लेकिन मजबूरन कहना पढ़ रहा है कि जिन विषयों की कंगना को बुनियादी जानकारी नहीं हहोती ,उस पर भी वे लगातार बोलने लगती हैं। हाल में कोविड पेन्डेमिक के दौरान इन दिनों ऑक्सीजन की कमी को लेकर जो हास्यास्पद ट्विट कंगना ने किया था ,उसके कारण इनकी खूब जगहँसाई हुई थी , मग़र कंगना ,तो लगता है सारे कंगन ही नहीं ,बेड़ियां तक तोड़ने को उतावली में है।अपने राजपूत होने पर एक बार कंगना ने कहा था कि मैं ,तो वीरांगना हूँ । वीरांगना होने  में तो गर्व होना चाहिए ,क्योंकि इसी देश में रानी झाँसी वाली भी हुई । कंगना के हक में बोलने वालों का तर्क हैं कि कंगना बगावती स्वभाव की है।

सवाल है कि वे निजी जीवन में  भी कानून के दायरे में रहकर बोल सकने को आज़ाद हैं, मग़र उन्हें दूसरों को भी बग़ावत करने के उकसावे के लिए उकसावे की अनुमति कैसे दी जा सकती है।शायद इसीलिए ऑक्सीजन वाली बात परपर उन्हें ट्रोलर्स ने जमकर लताड़ लगाई । कंगना ने दरसअल ,पौधे सुंघाकर कोविड मरीजों को ऑक्सिजन देंने का नायाब नुस्खा सुझाया था। इस पर एक टीवी सेलेब ने कंगना को देश की पहली सफ़ल स्टैंड अप कॉमेडियन तक बता द था। हाल में कंगना अपने कुनबे की तापसी तन्नू ,और अनुराग कश्यप से अपने अकाउंट पर उलझ पड़ी थीं ।मामला इनकम टैक्स से सबन्धित छापे का था । फिर ,वही प्रश्न उठता है कि आप दूसरे लोगों पर आशंका कर रहे हैं ,लेकिन आपके पास यानी कंगना के पास कितनी दौलत है इसका सही बही खाता ,तो शायद उनके लेन देंन का पूरा काम काज देखने वाली उनकी बहन रांगोली के पास ही होगा।कंगना के बारे में यह सब लिखने का मलाल भी है ,क्योंकि उन्होंने बहुत कम समय में अपनी प्रतिभा के बल पर कीर्ति अर्जित की।

बॉलीवुड में इस तरह के उदाहरण देखने को कम ही मिलते हैं ,मग़र कंगना रानोत की ,तो पहली फ़िल्म गैंगस्टार ही हिट हो गई थी ,लेकिन न जाने किसने ने उन्हें सलाह दे डाली की सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहो।कंगना ने गलती की शुरुआत पिछले साल ही कर दी थी । मौका था स्व ,अभिनेता सुशांत सिंह की संदिग्ध मौत का ।इस दुःखद घटना के बारे में उन्हें अपने विचार ट्विटर के माध्यम से रखने की स्वतंत्रता थी ,मग़र क़रीब नब्बे दिन चली इस खींचतान में शिव सेना के वरिष्ठ नेताओं पर कंगना ने भडकाऊ बयान से अपना एकाउन्ट भर दिया। वे ही आरोप लगाती ,और वे ही जज बन जाती । अजीब सी स्थिति हो गई थी तब। कंगना रनोत ने उस वक्त मुम्बई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर तक से कर दी ।पलट कर शिव सेना जो मोर्चा सम्हाला ,तो कंगना को जनता के पैसे खर्च करके फटाफट सख्त सुरक्षा मुहैया करवाई गई थी ।यह मामला इतना बढ़ा कि शिव सेना  के नेता कंगना को मुंबई में  न आने देने की धमकियां देने लगे । उसी दौरान आनन फानन में नियमों को तोड़ने का हवाला देकर  मुंबई महानगर निगम ने कंगना रानोत का करोड़ों की लागत से बना महल जैसा बंगला ,एवं ऑफिस ढहा दिया ।उस वक्त कंगना हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में थी ।

वह  तोड़ फोड़ का सारा नज़ारा देखने घटनास्थल पर गई ।कोर्ट बाजी हुई।मज़ाक में ही सही , फिल्मी समीक्षक यहाँ तक कहने लगे हैं कि फ़िल्म क्वीन की वजह से भले हम लोगों ने कंगना रानोत को बी टाऊन की क्वीन कह दिया हो ,मग़र बॉलीवुड के अलावा वह देश के राजनीतिक ,और  सामाजिक मुद्दों पर भी अनवरत ट्वीट करने लगती है ,तो बेगानी शादी में अब्दुल्लाह दीवानी जैसी लगती है।यह कंगना कंगना का घोर आपत्तिजनक ट्वीट था ,जिसमें वे किसान आंदोलन में शामिल किसानो को आतंकवादी ,और खालिस्तानी  कहने लगीं। फ़िर कहे बिना नहीं रहा जा रहा कि जब खालिस्तानी आंदोलन चरम पर था ,तब शायद कंगना का जन्म भी नहीं हुआ होगा। वे यहीं नहीं रूकीं । यहाँ तक बोल पड़ीं कि किसान आंदोलन के पीछे दरअसल चीन का हाथ है ।इसका कारण इस अभिनेत्री ने बड़ा लाजवाब बताया ,जिसे पढ़कर इनके चाहने वालों ने भी सिर धुन लिया होगा।

इनका उक्त बेहद अपत्तिजनक ट्वीट था चीन दरअसल किसान आंदोलन के जरिए आंदोलन की जगह काटकर अपनी खुद की यानी चीन की कॉलोनी बनाना चाहता है ।इस ट्वीट को भी ट्रोलर्स ने जमकर कोसा ।कंगना शायद इस गलतफहमी की शिकार हैं  कि चूँकि सोशल मीडिया पर उनके लाखों में फालोअर्स हैं ,इसी कारण कंगना की हर बात उन्हें पसंद है। कंगना रानोत कोई आधुनिक भारत की फ्लोरेंस नाइटेंगल थोड़ी है ,जो दुनिया की पहली नर्स या परिचारिका होने के कारणकोविड पेन्डेमिक में घर घर पूजी जाएँ। वे ,चूँकि फ़िल्मी हस्ती इस कारण भी ,तो उनके फालोअर्स  की संख्या इतनी बड़ी हो सकती हैं।यदि कंगना के ट्विट में लगातार इतनी उग्रता नहीं होती ,तो उनका अकाउंट ससपेंड होने के तत्काल बाद ही उनके दो ब्रांड ,एवं फैशन डिजाइनर उनसे अलग हो जाने का ट्वीट नहीं करते। इनमें से एक अनुराग भूषण ने घोषणा कर दी है कि हमारी कम्पनी कंगना रानोत से सभी अनुबंध तोड़ रही है।इस ब्राण्ड प्रमोटर ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हम भविष्य में भी कंगना से कोई रिश्ता न रखने का प्रण लेते हैं।एक औऱ ब्राण्ड प्रमोटर रिमझिम दद्दू ने भी  साफ साफ ट्वीट कर दिया है कि हम भी कंगना रानोत से सभी अनुबंध ,एवं रिश्ते तोड़ रहे हैं।पहले माना जा रहा था कि शुरू से ही कंगना भाजपा के सुर में सुर मिला रही है ,मग़र इस मौके पर पूरी भाजपा ने मौन धारण कर लिया है। बावजूद इसके कंगना की हेकडी गई नहीं है । वे कह रही हैं कूप एप ,इंस्टाग्राम ,और फेसबुक पर मेरे फालोअर्स अभी भी लाखों की संख्या में है। वैसे ,कूप एप ने ,तो फरवरी से ही कंगना रानोत के स्वागत में वनदनवार सजा रखे हैं।
नवीन जैन ,स्वतंत्र पत्रकार

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