मीडिया Now - मूर्खो का देश मूर्खता की छत्रछाया में

मूर्खो का देश मूर्खता की छत्रछाया में

medianow 09-05-2021 20:50:27


ब्रिगेडियर प्रदीप यदु, सेवानिवृत्त / हमारे देश में मूर्खो की कमी नही है, बहुतायत में हैं। हर आकर-प्रकार का उपलब्ध है। जंहा "दिया जलाओ-थाली बजाओ" की धुन पर " गो कोरोना गो " का ब्रेक डांस होता है। जंहा एक काली "ताबीज़" को बांधने से "कोरोना" पास नही फटकता हो। जंहा गोदी मीडिया "2000 रुपये में नैनो चिप " दिखाता है। जंहा का भृमित युवा वर्ग " जय श्री राम" या "अल्लाह हो अकबर" बोल खून बहा देता हो । जंहा नाबालिग बच्चियों का बलात्कार होता हो और बलात्कारियों को बचाने के लिये जुलूस निकलते हों । मूर्खो से महामूर्खों तक अन्य - अन्य कई उदाहरण हैं ? 

किसी भी जाति का / वर्ग का / आयु का / ग्रामीण हो या शहरी हो / अमीर हो या गरीब  / महिला हो या पुरूष  / "राजा" हो या रंक  / पढ़ा लिखा हो या अनपढ़ / प्रधानमंत्री से भिखारी तक ;  इस देश में सभी प्रकार के मूर्ख किराये पर मिलते हैं और खरीदे भी जा सकते हैं। अब आप और मैं भी तो मूर्खों की श्रेणी में आते हैं, जो सोशल मीडिया पर एक बेमतलब , बेकार , वाहियात , फेक , भड़काऊ, विभाजन पैदा करने वाली , दंगों के लिए उकसाने वाली , नेताओं के झूठे बयानों वाली पोस्ट पर इतना समय बर्बाद कर रहे हैं ; देश भरा हुआ है मूर्खो से ।

गटर से रसोई गैस हो या टर्बाइन से ओक्सिजन हो या (a+b)2 में एक्स्ट्रा "2ab" हो या बादलों से राडार को भटकाना हो , ये सभी महान अविष्कार भी तो भारत में ही किये गये हैं ? मूर्खों के देश में जाहिर है कि महामूर्ख भी बहुतायत में होंगें ? यह भी होगा कि इन सबके सरगना तो  विश्व प्रसिद्ध होंगे ही ?? जो डर कर अंग्रेजों के तलुवे चाट उनकी मुखबरी कर रहे थे , कायर बन अंग्रेजों से माफी मांग रहे थे ,आज नागपुर में बैठ अपने को "हिंदुत्व" का मुखिया समझते हैं , इनसे बड़े मूर्ख और कंहा मिलेंगे ? हैं ना हर प्रकार के मूर्खो की जमात  ? देखा " विश्वगुरु " भारत के रत्नों को ? देखा देश के "कोहिनूर हीरे" को ?

      जयहिंद....

ब्रिगेडियर प्रदीप यदु, सेवानिवृत्त
     रायपुर , छत्तीसगढ़

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