मीडिया Now - Covaxin के 'बूस्टर डोज' को मिली इजाजत, अब 3 बार लगेगा कोरोना वैक्सीन, एक्सपर्ट ने दी यह राय

Covaxin के 'बूस्टर डोज' को मिली इजाजत, अब 3 बार लगेगा कोरोना वैक्सीन, एक्सपर्ट ने दी यह राय

medianow 02-04-2021 16:34:00


एक तरफ जहां देश में कोरोना महामारी फिर से अपना पैर पसार रही है, तो वहीं दूसरी ओर कोरोना वैक्सीन के तीसरे डोज की तैयारी चल रही है। जिसे बूस्टर डोज (Booster Dose) बताया जा रहा है। एक्सपर्ट के एक पैनल के मुताबिक भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन के तीसरे डोज की अनुमति दे दी है। बता दे कि यह तीसरा बूस्टर डोज दूसरे डोज के छह महीने बाद दिया जाएगा। इससे फायदा यह होगा कि कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से बचाव मिलेगा और नए स्ट्रेन म्यूटेशन करके पैदा नहीं हो पाएंगे।

पहले इन्हें दिया जाएंगा तीसरा डोज 

एक्सपर्ट पैनल ने बताया कि भारत बायोटेक (Bharat Biotech) अपनी वैक्सीन Covaxin का तीसरा बूस्टर डोज उन वॉलंटियर्स को पहले दे, जो उसके क्लीनिकल ट्रायल का हिस्सा रहे हैं। भारत बायोटेक ने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा था कि तीसरे डोज के बाद कोरोना के खिलाफ शरीर की इम्यूनिटी कई सालों के लिए बढ़ जाएगा। इसके बाद एक्सपर्ट पैनल ने बूस्टर डोज की अनुमति दी है। 

भारत बायोटेक के प्रस्ताव पर सबजेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने कहा कि बूस्टर डोज की स्टडी सेकेंड फेज के क्लीनिकल ट्रायल वाले वॉलंटियर्स पर किया जाए। इन वॉलंटियर्स को कोवैक्सीन की 6 माइक्रोग्राम की दो डोज मिल चुकी है। बूस्टर डोज उन लोगों को पहले दिया जाएगा जिन्हें कोवैक्सीन का दूसरा डोज पिछले साल सितंबर या अक्टूबर में दिया जा चुका है। 

छह माह तक रखे जाएंगे निगरानी में

भारत बायोटेक इन वॉलंटियर्स को तीसरा बूस्टर डोज देने के बाद छह महीने तक निगरानी में रखेगी। ताकि उनके शरीर में कोरोना के खिलाफ होने वाले बदलावों, इम्यूनिटी के घटने और बढ़ने और साथ ही नए वैरिएंट से बचने में कितनी मदद मिलती है. इस पर नजर रखेगी। साथ ही साइड इफेक्ट्स का भी अध्ययन किया जाएगा।

इसके बाद भारत बायोटेक अपनी स्टडी रिपोर्ट सरकार के एक्सपर्ट पैनल के सामने रखेगी। कंपनी क्लीनिकल ट्रायल की रिवाइज्ड रिपोर्ट एक्सपर्ट पैनल के सामने जांच के लिए रखेगी। आपको बता दें कि करीब 190 वॉलंटियर्स ने कोवैक्सीन 6 माइक्रोग्राम के डोज ट्रायल के दूसरे फेज में लिए थे। इस जानकारी को कंपनी ने अपने डेटा के साथ सार्वजनिक भी किया था। 

वॉलंटियर्स को दो समूहों में किया जाएगा विभाजित

अब इन वॉलंटियर्स को दो समूहों में बांटा जाएगा। एक समूह को तीसरा बूस्टर डोज दिया जाएगा। इसके बाद दोनों समूहों के वॉलंटियर्स के शरीर में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जाएगा। इस बात की स्टडी होगी कि कोवैक्सीन का असर कितनी देर तक रहता है। कोरोना के खिलाफ वैक्सीन लगाने के बाद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में कितना इजाफा होता है।

कंपनी ने कहा है कि कोवैक्सीन की तीसरे बूस्टर डोज के बाद शरीर में T Cells की मात्रा में बढ़ोतरी होगी। इससे भविष्य में कोरोना वायरस के हमलों से बचने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं अगर तीसरा बूस्टर डोज लोगों को फायदा पहुंचाता है तो इससे कोरोना वायरस के हल्के से लेकर गंभीर संक्रमण तक से बचाव मिलेगा। 

तीसरे बूस्टर डोज के बाद कोरोनावायरस से संघर्ष करने में लागत कम आएगी। लोगों में संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा। साथ ही कोरोनावायरस की कोई और लहर आने में वक्त लगेगा। अगर लहर आती भी है तो वह ज्यादा नुकसानदेह साबित नहीं होगी। उसका नियंत्रण आसान हो जाएगा। इसके बाद साल में एक डोज की जरूरत पड़ सकती है। जिसके लिए देश के साइंटिस्ट काम कर रहे हैं।

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