मीडिया Now - अब 2DG के लिये मारामारी, केंद्र सरकार की तरफ़ से अस्पतालों को अब तक कोई गाइडलाइन नहीं

अब 2DG के लिये मारामारी, केंद्र सरकार की तरफ़ से अस्पतालों को अब तक कोई गाइडलाइन नहीं

medianow 19-05-2021 19:47:09


डॉ. राकेश पाठक / भोपाल। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन DRDO द्वारा बनाई गई दवा 2DG एक शुभ सूचना है लेकिन सरकार ने अब तक इसके लिये अस्पतालों तक को कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। हद ये है कि एम्स, भोपाल जैसे बड़े संस्थान तक इस दवा को लेकर अंधेरे में हैं। हालत यह है कि गम्भीर मरीज़ों के परिजन अब इसके लिये हैरान परेशान हो रहे हैं। अपने जोख़िम पर इस दवा के प्रयोग की सहमति के पत्र लिए लोग एम्स दरवाज़े पर जमावड़ा लगाए हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।

स्मरण रहे कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्ष वर्धन एवं रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा कोविड संक्रमित गम्भीर मरीजों के लिये Anti COVID Drug 2-DG 17 मई को डीआरडीओ भवन,नई दिल्ली में बाक़ायदा समारोह पूर्वक लॉंच की गई। दवा बनाने का ज़िम्मा हैदराबाद की डॉ रेड्डी लैब DRL को दिया गया है। इस दवाई के कुछ बॉक्सेज कोविड से संक्रमित गंभीर मरीज़ों के लिए AIIMS Delhi के डायरेक्टर डॉ.रणदीप गुलेरिय और आर्मड फ़ोर्सेज़ मेडिकल सर्विसेज़ (AFMS) के ले.जनरल श्री सुनील कांत को सौंपे गए।

★ दवा के लिये केंद्र ने प्रोटोकॉल का इन्तिज़ार

इस दवा के लिये प्रोटोकॉल क्या है इसकी सूचना या जानकारी केंद्र सरकार ने न तो राज्यों को दी है और ना ही राज्यों में स्थित AIIMS को या राज्यों के या प्राईवेट हॉस्पिटल्स को अब तक दी गयी है। इस बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कोई ईमेल,चिट्ठी या फोन अब तक राज्य सरकार(सरकारों ) को नहीं मिला है। भोपाल स्थित AIIMS की मेडिकल सुपरिन्टेडेंट डॉ.मनीषा श्रीवास्तव से जब उनके हॉस्पिटल में कोविड के गंभीर मरीजों के परिजनों ने सम्पर्क किया तो उन्होंने इस ड्रग के बावत कोई भी जानकारी होने से एवं इसके प्रयोग के लिए कोई भी इंतज़ामात करने से साफ इंकार कर दिया।

इस बावत जब मरीज़ों के परिजनों ने म.प्र. के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु चौधरी से सम्पर्क करने की कोशिश की तो वे अनुपलब्ध रहे। उनके ओएसडी से सम्पर्क हुआ तो उन्होंने ऐसी किसी भी ड्रग के प्रयोग से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी के बारे में अनिभिज्ञता प्रकट कर दी। उल्टे मरीज़ के परिजनों से ही इस ड्रग के प्रयोग बावत केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का पत्र लाने को कह दिया। एम्स में मरीज़ों के परिजनों ने हो हल्ला मचाने पर अस्पताल प्रशासन इसकी डिमांड ड्रग कंट्रोलर,म.प्र. शासन को भेजने के लिए राज़ी हुआ है लेकिन बुधवार दोपहर तक यह पत्र जारी नहीं हुआ था।
एम्स भोपाल के बाहर ऐसे परिजनों का जमावड़ा लगा है जिनके मरीज़ अत्यंत गंभीर दशा में हैं।

तमाम कई दवाईयों(रेमडेसिवर एवं टोसिलज़ुमेब आदि) के बावजूद ऐसे गंभीर मरीज़ों का ऑक्सीजन सेचूरेशन लेवल सामान्य से काफी कम यहां तक कि 50/55 है। ऐसे मरीज़ों के परिजन खुद के जोखिम पर अंतिम विकल्प के रूप में Anti COVID Drug 2-DG को आज़माना चाहते हैं। 
ये लोग इसके लिये सहमति पत्र लिख कर हाथ में लिया भटक रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार के किसी लिखित परिपत्र के अभाव में अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक़ फ़िलहाल यह दवा अस्पताल के डिमांड करने पर ही DRL द्वारा सप्लाई की जायेगी। खुले बाजार में यह अभी उपलब्ध नहीं है।
- लेखक एक वरिष्ठ पत्रकार हैं

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