मीडिया Now - परिवर्तन की अनुभूति दिलाने में विफल रहे ओली: प्रचंड

परिवर्तन की अनुभूति दिलाने में विफल रहे ओली: प्रचंड

medianow 03-04-2021 20:47:57


कपिलवस्तु (नेपाल से यशोदा श्रीवास्तव) / नेकपा माओवादी केंद्र के अध्यक्ष व पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड ने कहा है कि ओली सरकार से उनके मतभेद की वजह उनकी हठधर्मिता है। नेपाल के लोगों को परिवर्तन की अनुभूति हो, इसके लिए मैने अपने नेतृत्व के माओवादी संगठन का विलय तक ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी एमाले में कर लिया था। लेकिन ओली न तो राष्ट्र के हितैषी हैं और न ही राष्ट्र की जनता की। राष्ट्रवादी का ढिंढोरा पीटकर कोई राष्ट्रवादी नहीं कहलाता। राष्ट्र की जनता के लिए भी कुछ करना पड़ता है। देश में संविधान लागू होने के बाद हुए पहले आम चुनाव से लोगों को बड़ी आशा थी। लोगों को निराशा हुई। 

पूर्व पीएम व माओवादी केंद्र के अधयक्ष प्रचंड शनिवार को भारत सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिला मुख्यालय पर पार्टी द्वारा आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर दूसरे दलों के स्थानीय स्तर पर प्रभाव शाली नेताओं ने प्रचंड की पार्टी का दामन थामा। प्रचंड ने मधेशी नेताओं पर भी निशाना साधा। कहा कि मधेशी लोगों का मसीहा बनने का राग अलापने वाले तमाम मधेशी नेताओं की असलियत यह है कि वे सत्ता की लालच में विपरीत विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिल जाते हैं। 

कहा कि मैं मधेशियों के लिए मधेशी नेताओं के साथ लड़ना चाहता हूं लेकिन वे मधेशियों को उनके हाल छोड़कर सत्ता की मलाई की ओर लपक जाते हैं। प्रचंड ने कहा कि नेपाल को राजशाही से मुक्त दिलाने में हुए जनयुद्ध में 1300 मधेशियों का बलिदान हुआ था।बताने की जरूरत नहीं कि वह जनयुद्ध मेरे नेतृत्व में हुआ था।इस तरह कहना चाहूंगा कि मुझसे बड़ा मधेशियों की लड़ने वाला कौन है?

ओली से अलग होकर राजनीति की जमीन तराई में ढूंढ रहे प्रचंड ने कहा कि संविधान में मधेशियों की उपेक्षा हुई है। सरकार में आए तो हम उसे दुरुस्त करेंगे। मुस्लिम समाज को अपनी ओर खींचने के लिए कहा कि ईद बकरीद में अवकाश होना चाहिए। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच. रोटी बेटी के रिश्ते की मजबूती पर जोर दिया। कहा की भारत नेपाल सीमा पर आवाजाही की जो सख्ती है,उसे सरल बनाने के लिए प्रयास करेंगे। प्रचंड ने कहा कि पीएम ही उनका सपना नहीं है। भारत में गांधी,लोहिया जयप्रकाश आदि तमाम लोकतंत्र के रक्षक हुए जो पीएम या राष्ट्रपति नही हुए लेकिन उनका कद इन सबसे ऊपर रहा। मैं भी पीएम नहीं रहा तो उससे ऊपर ही रहुंगा।

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