मीडिया Now - कोरोना के मृतकों का पिंडदान- यूपी का चुनाव अभियान

कोरोना के मृतकों का पिंडदान- यूपी का चुनाव अभियान

medianow 24-05-2021 18:22:18


साथियों 

          जय हिंद

1- संलग्न खबर पढ़िए निष्पक्ष आंकलन करिए, ठंडे दिमाग से सोचिए और पर्दे के पीछे होने वाले खेल को समझिए। 

2- जो प्रधानमंत्री और गृहमंत्री कोरोना के भयानक स्थिति के दौरान चुनावी सभाएं ले सकते हैं, "प्रधानमंत्री दीदी ओ दीदी" का गाना गाते हुए बड़ी भीड़ की सराहना करते हैं और देश के गृहमंत्री बिना मास्क पहने रोड शो करते हैं जबकि इनकी सरकार कहती है कि ''मास्क पहनो-दो गज की दूरी रखो-भीड़ इकट्ठा मत करो'' मतलब या तो यह दोनों महानुभाव गलत है या इनकी सरकार गलत है? जो भी गलत है उसे निकाल बाहर नहीं करना चाहिए?

3- यह दोनों व्यक्ति, भाजपा सांसद हैं और इन्हें अपनी पार्टी के लिए वोट मांगने का पूरा अधिकार है पर क्या प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को संविधान ने अधिकार दिया है कि मात्र अपनी सत्ता के लिए देशवासियों की हत्या ''कोरोना हत्याकांड'' के अंतर्गत करें और इस हत्याकांड को चालाकी से ''राष्ट्रीय आपदा'' का नाम दें?

4- पिछले 20 दिनों से अमित शाह नजर नहीं आ रहे हैं, पर दो बार चुपचाप गुजरात जा चुके हैं पता क्यों? गुजरात में जारी मृत प्रमाण पत्र की संख्या लाखों में है जबकि गुजरात सरकार इस संख्या को चंद हजार ही बता रही है। अब इन मंत्री जी को अपने झूठे गुजरात मॉडल को सच बताने का कुकर्म भी तो करना है? इसे कहते हैं खाने और दिखाने के दांत कुछ लोग इसे ''चाणक्य'' कहते हैं? चाणक्य ने एक अहंकारी राजा को सत्ता से बेदखल कर एक आम बालक को चंद्रगुप्त बनाया था। अमित शाह तो मात्र एक अंहकारी राजा को सत्ता में बनाए रखने के लिए एक छलिया की भूमिका निभा रहे हैं।

5- मोदी जी गुजरात का दौरा करें, हवाई जहाज से तूफान ग्रस्त इलाकों का नुकसान देख कर आ गए, अपने चेले के उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे हजारों शव थोड़ी नजर आएंगे, जब यह लोग जिंदा थे तब मोदी जी को अच्छा लगता था क्योंकि वह सभी वोट देते थे, अब मुर्दे से क्या करना, मुर्दा थोड़ी ही वोट देगा और भीड़ से चिल्लाएगा ''मोदी मोदी मोदी'' लो इन्होंने आंसू बहा कर अपने पापों का प्रायश्चित करने की कोशिश कर ली, सौ-सौ चूहे मार कर बिल्ली हज पर जाने की तैयारी कर रहा है। 

6- अभी कोरोना हत्याकांड जारी है पर ये देश के शासक अपने गुरुकुल में उत्तर प्रदेश चुनाव पर चर्चा कर रहे हैं। अभी गुरुकुल के प्रधानाचार्य मोहन भागवत ने अपने 9 सूत्री छद्म मंत्र दिये थे लोगों को भटकाने के लिए (मेरी चंद दिनों पहले की पोस्ट देखिए) उसके बाद आशु का झरना बहाकर कोरोना हत्या कांड में मारे गए लाखों लोगों का मोदी जी ने ''सामूहिक पिंडदान'' भी कर दिया? सब पाप धुल गए, गंगा पुत्र ने माता गंगा को फिर से पवित्र कर दिया, बस भीड़ जाओ पुन: चुनावी घमासान में, वाह मोदी वाह, मोदी है तो मुमकिन है, बड़े सही चुनावी नारे हैं। मोदी जी एक बार देश के लिए नया नारा खोज लेते आप तो सब गुण संपन्न ''महामानव'' हैं पर क्या करें अनपढ़ता रास्ते में रोड़ा बनी हुई है। 

7- एक गाना सटीक उतरता है आप दोनों महोदय पर---
 ''छलिया मेरा नाम, छल्ना मेरा काम,
 हिंदू-मुस्लिम-सिख-इसाई मेरे ही गुलाम''

 जयहिंद नेताद्वय 
ब्रिगेडियर प्रदीप यदु, सेवानिवृत्त, 
रायपुर, छत्तीसगढ़

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :