मीडिया Now - कुएं के मेढक को कुएं की ही जानकारी होती है

कुएं के मेढक को कुएं की ही जानकारी होती है

medianow 25-05-2021 12:42:53


नवीन जैन, वरिष्ठ पत्रकार / इन बाबा रामदेव को रोकने का उपाय है या नहीं? ये योगी कह रहे है कि टर टर करना है,तो बनिए डॉक्टर। याद दिला दूँ कि टर टर मेढ़क करता है। विशेषकर बरसात में। उसके भी कुछ नैसर्गिक कारण बताए जाते हैं। नकचढ़े बाबा ने वह काम कर दिखाया है, जो भोंठ से भोंठ आदमी भी नहीं कर सकता। सारी लाज शर्म बेचकर जब किसी व्यक्ति की ज़बान आवारा या पागल हो जाती है, तो उसकी दशा उक्त हरिद्वार वाले नोटकीबाज़  बाबा जैसी हो जाती है। ये खबरें,तो वायरल हो रही हैं कि पृथ्वी के क़रीब 300 देवदूतों को भगवान ने बुला लिया, मग़र कितनी बदतमीजी, बेगैरती, और गैरजिम्मेदाराना तरीके से नोटकीबाज़ बाबा कह रहे हैं कि डबल डोज़ के बावजूद 1000 डॉक्टर कोविड के शिकार होकर चल बसे। बाबा को चीन भेज देना चाहिए, ताकि पता चल सके कि इस तरह की देश विरोधी बातें कहने का परिणाम क्या होता है। एक तरफ़ देश में डॉक्टर्स, और पेरामेडिको को शहीदों का दर्ज़ा देने कि माँग उठ रही है,और उक्त बाबा आयुर्वेद ,और योग के नाम पर अपने ज्ञान का सदुपयोग नहीं, दुरुपयोग कर रहे है। तुलसीदास ने इसी तरह के लोगों को मूढ़ मति कहा था। कारण कि ये इस बात से बेखबर हैं कि शब्द का सही उपयोग योग है,और दुरुपयोग भोग है।

भोगी को आधुनिक समाज में उसके घर तक छोड़कर आना चाहिए। यदि इधर उधर से वह फ़िर आ जाए,तो संविधान में घर में ही जेल का प्रावधान किस लिए है। ऐसे कई  बकवासी लाल होते हैं  जो ऐसे बहुरुपिएन से खबरों में बने रहते हैं,वर्ना इन्हें पूछे कौन? मीडिया ने भी बहती गंगा में जमकर हाथ धोए। सालों से इनके उल्टे सीधे बयान जारी किये  जाते रहे। मात्र इसलिए कि इनकी पंतजलि योग पीठ ने विज्ञापनाओँ के लिए तिजोरी खोल रखी है। प्रिंट मीडिया, वेब मीडिया तो मधुमक्खी  की इस छत्ते से आजाद रहा, लेकिन तमाम बड़े समाचार चैनलो ने विज्ञापनों के कारण बाबा को रातों रात सेलिब्रिटी या इंटरनेशनल फिगर बना दिया। दो दिनों पहले इन्हीं बाबा ने एडवांस्ड मेडिकल साइंस को जैसे अखाड़े में ताल ठोकते हुए चुनोती दे डाली दी कि यह साइंस स्टुपिड,और दिवालिया मेडिकल साइंस है।

पतंजलि योग पीठ के बाबा कोविड को, तो भूल भाल गए, पुराने ,एवं धूल खाए नुस्खे को नकली सोने के वरक में चढ़ा कर लाए,और कह बैठे कि एक एमबीबीएस स्टूडेंट ने गिलोय के नियमित सेवन ,और योग से ए कैटेगरी की डायबिटीज से निजात पा ली है ।लगे हाथ पेशंट का नाम भी उजागर कर दिया केशव नागपाल। अन्य सम्पर्क सूत्र नहीं बताए गए।किसी चिकित्सा पद्धति में उक्त बीमारी का कोई उपचार नहीं है। ज्यादा से ज्यादा आप इसे नियंत्रण में रख सकते हैं। एक बार मैंने अपनी  कॉलेज की पुरानी सहपाठी  जो बाद में बड़े डॉक्टर  की  पत्नी  बनी से  डायबिटीज ,मोटापा ,हाइपरटेंशन, घबराहट ,जैसी बीमारियों के माकूल इलाज की चर्चा की,तो एक वाक्य में जवाब मिला, मुझे तो इस तरह की एक दो और बीमारियाँ है।ये सब मेरे साथ ही जाएँगी।हमारा जागरूक या पढा लिखा समाज भी बाबा रामदेव को सिर माथे चढ़ाने का जवाबदार है।दुनिया में न जाने प्रकार के कैंसर होते हैं। मरना लगभग तय होता है,लेकिन एलोपैथी के इलाज से इस बीमारी का  रिकवरी रेट अशाजनक है।किडनी ,ह्रदय रोग के मरीज भी इसी पद्धति से भले पूरी तरह चंगे न होते  हों, नियंत्रित तो किए ही जा सकते हैं।

बाबा रामदेव जब फूंक,कपालभाति, अनुलोम विलोम, प्राणायाम आदि से इनका मिनटो में इलाज करने के लिए शिविर लगा रहे थे,तब हम लोग  टीवी पर उनके कार्यक्रम की नकल में व्यस्त थे।कई बहुरूपियोँ को भी इस तरह के शिविरों से स्वस्थ होने के रूप में प्रस्तुत किया गए।प्रत्येक दम्पति संतान पाने का नैसर्गिक अधिकार रखता है।इन बाबा के पास उसका भी रामबाण इलाज है। अब मरता क्या न करता।कभी यही बाबा राजनीति में सक्रिय होने के लिए अण्णा हजारे के नई दिल्ली स्थित  रामलाल मैदान में जाकर सो जाते हैं।और,एक दिन आधी रात को जब पुलिस लाठियां लेकर आती है ,तो अपना चोला फेंककर यही क्रांतिकारी बाबा सफ़ेद कपड़ों में रणछोडदास हो जाते हैं। कभी हाथी पर बैठकर साधुओं को योग सिखाते हुए मुँह के बल गश खा जाते हैं।अजीब तमाशा है।अब जो इनका नया ट्विटर हलचल मचा रहा है उसे पढ़कर तो लगता है कुएं के मेढक की जानकारी कुएं तक ही सीमित होती है। 

नवीन जैन
वरिष्ठ पत्रकार
9893518228

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