मीडिया Now - 26 मई 2021 को हो रहा है चद्रं ग्रहण, इस वजह से दिखा रहा है महामारी जनित परेशानियां

26 मई 2021 को हो रहा है चद्रं ग्रहण, इस वजह से दिखा रहा है महामारी जनित परेशानियां

medianow 25-05-2021 23:11:21


ज्योतिषाचार्या जया सिंह / 26 मई 2021 को चद्रं ग्रहण हो रहा है, जोकि वृश्चिक राशि पर पड़ रहा है एवं उस समय  अनुराधा नक्षत्र है। इस समय का लगन में तुला राशि उदय हुई है जो कि हमारे देश की कुंडली का छठा भाव है, यह लगन बनकर उदय हो रहा है अतः महामारी जनित परेशानियों को तो दिखा ही रहा है। यह एक खग्रास ग्रहण हैजो कि भारत में15:14 मिनट से शुरू हो रहा है एवं इसका सम्मिलन 16:39 पर एवं मध्य 16:49 एवं ग्रहण का उन्मिलन 16:58 पर होगा। भारत में यह ग्रहण पूर्व एवं पूर्व उत्तरी राज्यों में दिखाई देगा, जहां पर सूर्यास्त 18:23 पर हो रहा है वहां यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा अतः भारत के अधिकांश भागों में नहीं
दिखाई देगा। दक्षिणी अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, जापान, पूर्वी एशिया, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में दिखाई देगा।

प्राकृतिक दृष्टि से ग्रहण का प्रभाव
प्राकृतिक दृष्टिकोण से यह चद्रं ग्रहण काफी ज्यादा संवेदनशील है, 11 मई 2021 की अमावस्या से ही खराब स्थिति बनी हुई है। मकर राशि में वक्री शनि से पीड़ा, शनि एवं गुरू की 2 - 12 की स्थिति, मगंल ग्रह की मिथुन राशि में स्थिति एवं सघंटा चक्र में त्रिकोणीय शूल आदि ग्रहों की स्थिती विपरीत परिस्थितियों एवं भयकंर तूफान की चेतावनी दे रहे हैं जिसमें से टौकटे तूफान दक्षिण-पश्चिम हिस्से में भारत वर्ष के आकर गया ही है कि 26 मई 2021 को याश नाम के दूसरे तूफान की परिस्थि ति बन गई है। पूर्वसूचनाके आधार पर बचाव कार्य जोर शोर से हो रहा है और काफी हद तक हमने उसमें सफलता भी पाई है ।

मकर राशि पृथ्वी तत्व राशि है और उस पर पीड़ा है ज्योतिषीय गणित के अनुसार भूकंप के आने के संकेत भी दे रहे हैं। देश के बड़े गणमान्य लोगों एवं राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दृष्टि से मजबतू लोगों पर भी ग्रहण का खराब प्रभाव पड़ने की संभावना है। चद्रं ग्रहण से लेकर के सूर्य ग्रहण तक अर्थात 10 जून 2021 तक बहुत ही संवेदनशील स्थिति बनी हुई है। जिसमें कुछ तिथियां महत्वपूर्ण है एवं विपरीत परिस्थितियों के लिए बहुत अधिक संवेदनशील है जैसे---- 26-27 मई 2021, 29 मई 2021, 3- 4 जून 2021

कोरोना का प्रभाव
कोविड-19 के लिए अभी भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है परंतु 4 जून 2021 के बाद भारतवर्ष में डेथ रेट कम होने की संभावना बनती दिखाई देती है। अच्छी बात यह है कि चद्रं एवं केतु द्वितीय भाव में स्थित है और अष्टम भाव में स्थित सूर्य एवं शुक्र की स्थिति आपस में सम-सप्तम दृष्टि सबंधं --- हमारा देश पूरे विश्व में वैक्सीन लगवाने में रिकॉर्ड बनाने जा रहा है ऐसी संभावना ग्राहण काल की कुं डली से प्रकट होती है।

राशियों पर प्रभाव
यह चद्रं ग्रहण वृश्चिक राशि के साथ - साथ तुल राशि, कुंभ राशि, मकर राशि एवं मिथुन राशि के लिए अच्छा नहीं है मीन राशि, मेष राशि, वृषभ राशि एवं सिहं राशि के लिए सामान्य रहेगी और धनु राशि कन्या राशि, कर्क राशि के लिए समय मध्यम रहेगा।

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