मीडिया Now - कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों की कैसे मदद करेगी मोदी सरकार, जानिए सबकुछ

कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों की कैसे मदद करेगी मोदी सरकार, जानिए सबकुछ

medianow 30-05-2021 12:54:22


नई दिल्ली। भारत में कोरोना महामारी की वजह से अबतक तीन लाख 25 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. कई बच्चे ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने माता और पिता दोनों को खो दिया. उन बच्चों की मदद के लिए मोदी सरकार ने बड़ी कल्याणकारी योजना की घोषणा की है. सरकार ने कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए कई तरह की सुविधाओं की घोषणा की है. बच्चों की स्कूली पढ़ाई के खर्चे से लेकर उनको मासिक छात्रवृत्ति सहायता देने तक के कई बड़े एलान किए हैं. यहां विस्तार से जानिए.

स्कूली पढ़ाई: 10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए
योजना के तहत 10 साल से कम उम्र के बच्चे को नजदीकी केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में प्रवेश दिया जाएगा. अगर बच्चे का दाखिला किसी निजी स्कूल में होता है तो 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन' से आरटीई के नियमों के मुताबिक फीस दी जाएगी. पीएम केयर्स बच्चों की ड्रेस, किताबें और नोटबुक पर होने वाले खर्च का भी भुगतान करेगा.

स्कूली पढ़ाई: 11-18 साल के बीच के बच्चों के लिए
'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना के तहत बच्चे को केंद्र सरकार के किसी भी आवासीय स्कूल, जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय आदि में प्रवेश दिया जाएगा. अगर बच्चा अपने दादा-दादी या किसी परिचित के साथ रहना चाहता है तो उसे नजदीकी केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में प्रवेश दिया जाएगा. फीस का भुगतान पीएम केयर्स से किया जाएगा.

हायर एजुकेशन के लिए लोन पर ब्याज माफ
मौजूदा शिक्षा ऋण मानदंडों के अनुसार, भारत में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और हायर एजुकेशन के लिए एजुकेशन लोन प्राप्त करने में बच्चों की सहायता की जाएगी. इस लोन पर ब्याज का भुगतान 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना द्वारा किया जाएगा. विकल्प के रूप में ऐसे बच्चों को केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं के तहत ग्रेजुएशन की फीस के बराबर की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. जो बच्चे मौजूदा छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत पात्र नहीं हैं, उनके लिए पीएम केयर्स एक समकक्ष छात्रवृत्ति प्रदान करेगा.

हेल्थ इंश्योरेंस
ऐसे सभी बच्चों को आयुष्मान भारत योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत लाभार्थी के रूप में नामांकित किया जाएगा, जिसमें 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर होगा. 18 साल की उम्र तक के इन बच्चों के लिए प्रीमियम की राशि का भुगतान पीएम केयर्स द्वारा किया जाएगा.

फिक्स्ड डिपोजिट
सरकार के अनुसार, पीएम केयर्स 18 साल की उम्र पूरी करने वाले हर बच्चे के लिए 10 लाख रुपये का कोष बनाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई एक योजना के माध्यम से योगदान देगा. इस कोष का उपयोग 18 साल की आयु से अगले पांच वर्षों तक उच्च शिक्षा की अवधि के दौरान उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए मासिक वित्तीय सहायता/छात्रवृत्ति देने के लिए उपयोग किया जाएगा. 23 साल की उम्र पूरी करने पर, उसे व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए एकमुश्त के रूप से कोष की राशि मिलेगी.

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :