मीडिया Now - UP विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों में जुटी बीजेपी, 52 घंटे तक हुआ मंथन, अंत में बीएल संतोष ने किया ट्वीट, समझिए मायने

UP विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों में जुटी बीजेपी, 52 घंटे तक हुआ मंथन, अंत में बीएल संतोष ने किया ट्वीट, समझिए मायने

medianow 02-06-2021 22:26:10


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीजेपी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. राजधानी लखनऊ में बीजेपी में संगठन और सरकार में बदलाव के कयासों के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष (BL Santhosh) ने लगातार तीन दिन तक पार्टी नेताओं से मुलाकात की. करीब 56 घंटे मंथन हुआ.

इस दौरान सरकार और संगठन से जुडे तमाम मुद्दों पर चर्चा करते हुए मंत्रियों, विधायकों और सांसदों का फीडबैक लिया गया. अंत में पार्टी कोर कमेटी की बैठक कर बीएल संतोष उत्तर प्रदेश सरकार और संगठन से जुड़ा फीडबैक लेकर वापस दिल्ली लौट गए हैं, जहां यूपी से मिले फीडबैक से शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा. इस दौरान कयासबाजी का दौर जारी रहा लेकिन इसी बीच कल बीएल संतोष ने एक ट्वीट किया जो उन कयासों को खारिज करने के लिए पर्याप्त है जिसमें यह कहा गया था कि केंद्रीय नेतृत्व योगी आदित्यनाथ की लीडरशिप को लेकर चिंतित है.

बीएल संतोष के मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों से मिलने का सिलसिला शुरू हुआ तो सबसे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की. मुलाकात के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने पार्टी के विधानसभा चुनावों में जबर्दस्त जीत दोहराने की बात भी कही. इसके बाद यूपी के दूसरे उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने बीएल संतोष से मुलाकात की. फिर एक-एक करके श्रीकांत शर्मा, सिद्धार्थ नाथ सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्य, अनिल राजभर, रमापति शास्त्री और दूसरे नेताओं ने मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक इन मुलाकातों में कई सवालों के जरिये बीएल संतोष ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के जरिये यूपी की नब्ज को टटोलने की कोशिश की.

जाते-जाते सीएम योगी की कर प्रशंसा कर गए
बैठकों के बीच बीएल संतोष ने कुछ ट्वीट किए. मंगलवार और बुधवार सुबह उन्होंने एक-एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "उत्तर प्रदेश में कोरोना के नए मामलों में 93% तक की कमी आई है. 20 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पांच हफ्ते में जिस प्रभावी ढंग से कोरोना पर काबू पाया है, वह काम 1.5 करोड़ वाले छोटी से म्यूनिसिपलिटी के मुख्यमंत्री करने में असफल रहे."

फेरबदल की संभावना बरकरार
सूत्र बताते हैं कि आलाकमान को मिली रिपोर्ट बहुत भरोसे लायक नहीं है, इसीलिए राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारी को अलग से लोगों का फीडबैक लेने के लिए भेजा गया है. संभावना इस बात की है कि भले ही चुनाव से 7 महीने पहले सरकार में कोई विस्तार न किया जाए लेकिन संगठन में फेरबदल जरूर किया जाएगा.

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