मीडिया Now - नूतन ने संजीव को थप्पड़ क्यों मारा?

नूतन ने संजीव को थप्पड़ क्यों मारा?

medianow 05-06-2021 19:37:53


वीर विनोद छाबड़ा / आम ज़िंदगी में और फिल्म के सेट पर चुलबुली नूतन शादी के बाद चुप रहने लगी. सेट पर वो अपने कोस्टार्स से बात नहीं करती थीं. अलग-थलग अपने मेकअप रूम में क़ैद हो जाती थीं. उनकी शादी रजनीश बहल से हुई थी जो इंडियन नेवी में लेफ्टिनेंट कमांडर थे. गॉसिप की गलियों में चर्चा गर्म रहती थी कि नूतन और रजनीश के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. रजनीश को नूतन पर शक रहता था कि उसका किसी से अफेयर चल रहा है. नूतन के पीछे जासूस भी लगा रखे थे. उन दिनों मद्रास में 'देवी' (1970) की शूटिंग चल रही थी. नूतन के हीरो थे नवोदित संजीव कुमार. उन्हें जाने क्या संजीव में भाया कि दोनों शूटिंग के दौरान और बाद में भी हंस हंस कर बातें करने लगे, मज़ाक भी. शायद इसलिए कि उन्हें संजीव में एक अच्छा इंसान नज़र आया जिससे दिल का हाल शेयर किया जा सकता था. इन नज़दीकियों को लेकर फ़िल्मी रिसालों और अख़बारों में गर्मागर्म चर्चाएं होने लगीं, कुछ सच्ची और कुछ बनावटी.

नूतन के पति रजनीश को ये बर्दाश्त नहीं हुआ. आपस में बहुत तूतू मैंमैं हुई. नूतन ने क़सम खाई कि उनकी तरफ से संजीव के प्रति उनके दिल में कुछ नहीं है. अफेयर की झूठी ख़बरें सस्ती पब्लिसिटी पाने की गरज़ से संजीव द्वारा फैलाई जा रही हैं. किसी तरह रजनीश इस शर्त पर मानने को तैयार हुए कि नूतन सेट पर सबकी मौजूदगी में संजीव को थप्पड़ मारेगी. और नूतन ने ऐसा ही किया. अगले दिन संजीव कुमार को थप्पड़ रसीद कर दिया - यू बदमाश, घटिया अफ़वाहें फ़ैलाते हो... अलावा इसके भी बहुत कुछ सुना दिया नूतन ने. इसके साथ ही नूतन-संजीव कुमार के परवान चढ़ रहे कथित अफेयर पर हमेशा के लिए पूर्ण विराम लग गया. क़रीब दो साल बाद नूतन ने एक इंटरव्यू में बताया - कुछ ग़लतफ़हमी के कारण उन्होंने संजीव को थप्पड़ मारा था. कई साल बाद संजीव ने मशहूर फ़िल्म पत्रकार अली पीटर जॉन को बताया - मैं प्यार में सब कुछ कर सकता हूँ और सह भी सकता हूँ, मर्डर भी कर सकता हूँ. ये थप्पड़ क्या चीज़ है. त्रासदी है कि आज दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं. संजीव की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई और नूतन की कैंसर से. 

वैसे ये बात सच है कि संजीव कुमार दिल फ़ेंक आदमी थे. कई स्त्रियों से उनके प्रेम के किस्से आम जन की ज़बान पर रहे. हेमा मालिनी को तो उन्होंने धर्मेंद्र के सामने ही प्रोपोज़ कर दिया. जबकि इससे पहले एक बार हेमा ने उनका निवेदन ठुकरा चुकी थी. हेमा ने तो शादी-शुदा धर्मेंद्र से शादी कर ली लेकिन संजीव आजन्म कुंवारे रहे. दरअसल वो दिल के मरीज़ थे और उनके परिवार में सभी पुरुष पचास से कम उम्र में स्वर्गवासी होने के अभिशप्त थे. जब संजीव की 48 बरस की कम आयु में अचानक मृत्यु हुई तो उनके घर तीन महिलाएं मौजूद थीं जो उनकी विधवा होने का क्लेम करती दिख रही थीं - जयश्री टी, नीता मेहता और सुलक्षणा पंडित. इनमें सुलक्षणा का संजीव के प्रति प्यार ज़्यादा नज़दीकी और प्रतिबद्ध रहा. सुलक्षणा ने आजन्म शादी नहीं की. 
- लेखक एक नामी फिल्म समीक्षक हैं

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :