मीडिया Now - उत्तर प्रदेश में नये डीजीपी की रेस शुरू, हितेश चन्द्र अवस्थी के बाद, जानिए रेस में कौन?

उत्तर प्रदेश में नये डीजीपी की रेस शुरू, हितेश चन्द्र अवस्थी के बाद, जानिए रेस में कौन?

medianow 08-06-2021 20:46:30


लखनऊ। देश के सबसे बड़े सूबे के पुलिस महकमे की सबसे बड़ी कुर्सी के लिये काउन-डाऊन शुरू हो चुका है। वर्तमान डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी 30 जून को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में यूपी का अगला डीजीपी कौन होगा, इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं। दरसअ 1985 बैच के आईपीएस अफसर और सूबे के डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी 30 जून को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे मे प्रदेश मे नये डीजीपी की तलाश तेज हो गई है। चूंकि अगले साल यूपी मे फरवरी महीनें मे विधान सभा चुनाव होना है।ऐसे मे हितेश चन्द्र अवस्थी को एक्सटेंशन मिलने की संभावना न के बराबर है।

ऐसे मे अफसरों की सिनियरटी की बात करें तो 1986 बैच के आईपीएस नासिर कमाल का नाम सबसे ऊपर आता है,मगर फिलहाल वे केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे हैं। दूसरे नम्बर पर 1987 बैच के आईपीएस मुकुल गोयल का नाम आता है।जो बीएसएफ मे एडीजी हैं। गोयल यूपी मे एडीजी कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वरिष्ठता क्रम मे तीसरे नम्बर पर 1987 बैच के ही आईपीएस आरपी सिंह का नाम आता है।जो ईओडब्लयू मे डीजी हैं और एसआईटी प्रमुख का भी चार्ज संभाल रहे हैं। फिलहाल इनका नाम सरकार की गुङ बुक मे शामिल बताया जा रहा है। इनका रिटायरमेंट फरवरी 2023 मे है। इनके बाद 1988 बैच के आईपीएस  डीएस चौहान का नाम आता है। जो डीजी इन्टेलीजेन्स का दायित्व संभाल रहे हैं। इनका रिटायरमेंट मार्च 2023 को है।

जहरीली शराब: एक चुनौती 

एक तरफ जंहा कोरोना की दूसरी लहर मे प्रदेश भर मे हजारों लोगों की संक्रमण के कारण मौत हो गई है।वंही यूपी के अलीगढ़ मे जहरीली शराब कांड के कारण 36 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पङा है,इसके पहले भी 28 मई को अलीगढ़ मे ही जहरीली शराब ने 35 लोगों की जीवन लीला समाप्त कर चुकी है।इसी साल अलीगढ़ के साथ-साथ आजमगढ़, अम्बेडकर नगर,बदायूं मे समय-समय पर जहरीली शराब ने कहर बरपाया है।

अपराध के ये आंकङे बन सकते हैं चिंता का सबब

मार्च 2021 को जारी एनसीआरबी के आकंङो के मुताबिक यूपी मे हाल के वर्षों मे अपराध का स्तर 11 प्रतिशत बढ़ा है।महिलाओं से जुङे अपराधों की बात करें तो एनसीआरबी के आकंङो के अनुसार 2019 मे महिला अपराधों की संख्या 59,853 रही,जबकि 2018 मे 59,445 थी,वंही 2017 मे ये आकङा केवल 56,011 रहा। प्रदेश मे महिलाओं से छेङखानी के मामलों की बात करें तो 2020 मे 2441,2019 मे 1857,2018 मे 1328,2017 मे 993 थी।छेङखानी से जुङे ये आकङे यूपी पुलिस के डेटा के हैं। 

यूपी मे 2022 विधानसभा चुनाव मे करीब 7 महीने का समय बचा है।ऐसे मे योगी सरकार चाहेगीं की क्राइम कंट्रोल पर अधिक फोकस किया जायें। ऐसे मे किसी तेज तर्रार और अनुभवी आईपीएस अफसर को ही सूबे के पुलिस बल के मुखिया की कमान मिलेगी।जो चुनावी साल मे राजनैतिक समीकरणों को दुरूस्त करने मे कारगर हो।

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