मीडिया Now - योगी जी! माथे पर कलंक लेकर मत जाइयेगा

योगी जी! माथे पर कलंक लेकर मत जाइयेगा

medianow 14-06-2021 11:05:31


चंचल / योगी जी !  माथे पर कलंक लेकर मत  जाइयेगा । नाथ पंथ  'नीर क्षीर ' विवेक की एक आदर्श प्रथा और अनाशक्ति का निष्कलंक सम्प्रदाय है। आप उसके प्रमुख प्रतीक हैं । आज आप सूबे के कस्टोडियन हैं,  क्यों कि मुख्य मंत्री है। सूबे के राजकाज में आपने 'संदूक ' और  'बंदूक ' की बेजा ताकत पर  चढ़ी ताकतों के खिलाफ आपने मुहिम चलाया। हम उस पचड़े में नही जाना चाहते , लेकिन  जन मुख की राय  अलग अलग है। आपने  'गौ माता ' को ही नही बचाया है,  'धरती माता ' को भी सम्भाला है। अंसारियों ,अतीकों द्वारा जबरन  कब्जा की गई जमीन को ही नही मुक्त कराया बल्कि इस कारोबार में लगे लोंगो को जेल तक भेजा। आपकी तारीफ  हुई और हो रही है।  एक दरखास्त  अयोध्या में घूम रही है । उसे गौर से सुन लें - 

आप ' माता ' रक्षक के रूप में  स्थापित हो गए हैं। अब एक  'सुत ' भी सांसत में है। दसरथ पुत्र , कौशल्या सुत राम , जो असंख्य मन के आस्था हैं उन्हें सरेआम नीलाम किया जा रहा है। रामनामी ओढ़े सटोरिये खुले आम जरायम पेशे को अंजाम दे गए इनकी पूरी जांच कराएं और असलियत जनता के सामने आए क्यों कि यह जन मन  की आस्था और विश्वास का सवाल है। जो घपला है वह अतीकों , अंसारियों से हजारों गुना बड़ा है। ' अयोध्या में राम मंदिर नही है ,  राम मंदिर जहां है उसे अयोध्या बोलते हैं । यह आस्था है । इसी आस्था को तार तार करती यह कथा बहुत कुछ कह रही है । दिनांक 18 मार्च 2021 को सायं 7 बज कर  पांच मिनट पर जमीन की एक रजिस्ट्री होती है । गाटा संख्या है - 243 , 244  और 246 । दो लोंग #कुसुम पाठक और #हरीश पाठक ने यह जमीन  #सुल्तान अंसारी और #रविमोहन तिवारी ने दो करोड़ में  रजिस्ट्री कर दी ।

खेल देखिये-  यही जमीन 7 बज कर 16  मिनट  पर यानी 11 मिनट बाद सलमान अंसारी और रविमोहन तिवारी से राम मंदिर ट्रस्ट 18 करोड़ में ले लिया ।  16 मिनट में एक ही  जमीन दो बार  बिक जाती है । जमीन के इस खरीद फरोख्त के दो गवाह हैं और मजे की बात ये दोनों  ही दोनो  रजिस्ट्री पर  गवाही करते हैं ये हैं - आयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और अनिल मिश्रा योगी जी ! राम मंदिर ट्रस्ट जिस जमीन को 18 करोड़ में खरीदती है वह जमीन 11  मिनट पहले 2 करोड़ की थी ।  जमीन की कीमत देखिये , चढ़ाव देखिये - एक मिनट में 1 करोड़ 45 लाख रुपये के हिसाब बढ़ती है और 11  मिनट में 16 करोड़ बढ़ जाती है। राम मंदिर ट्रस्ट के पास यह अकूत धन आया कहां  से ?  आडवाणी , मोदी , अमित शाह वगैरह के खीसे का पैसा नही है। याचक दान नही देता , वह लेता है। दाता तो जनता है । क्या इसकी जांच होगी ? क्या इसमे संलिप्त लोंगो की गिरफ्तारी होगी ?
- लेखक एक वरिष्ठ पत्रकार हैं

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