मीडिया Now - विश्व स्वास्थ्य दिवस और यू.एच.सी.

विश्व स्वास्थ्य दिवस और यू.एच.सी.

medianow 07-04-2021 12:33:23


राकेश श्रीवास्तव / स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं और उससे जुड़ी समस्याओ की ओर आम जनता की जागरुकता बढ़ाने के लिये  प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को डब्ल्यूएचओ द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।डब्ल्यूएचओ ने एक स्वस्थ् विश्व बनाने के लक्ष्य मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुये विभिन्न देशों मे कुष्ठरोग, टीबी, पोलियो, चेचक और खसरा आदि सहित कई गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों को उठाया है और उसे दूर करने के लिए प्रभावी रूप से कार्य किए हैं।इसके अतिरिक्त डबल्यूएचओ मच्छर द्वारा फैलने वाली बीमारियों जैसे मलेरिया,डेंगू बुखार,फाईलेरिया,पीला बुखार,चिकनगुनिया एवं अन्य वेक्टर जैसे चिचड़ी, कीट, सैंड फ्लाईस, घोंघा आदि द्वारा फैलने वाली बीमारी को भी लोगों की नजर में ला रही है।

पूरे साल भर विश्व के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिये और कार्यक्रमों को चलाने के लिये एक थीम चुनी जाती है। इस वर्ष की थीम है "एक निष्पक्ष, स्वस्थ दुनिया का निर्माण"।इसके प्रचार-प्रसार एवं एवं लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिये तथा उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के लिये डबल्यूएचओ विभिन्न संस्थाओं को मदद देता है। बेशक, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बीमारियों से लड़ने मे अहम भूमिका निभाई है परंतु गत वर्ष कोरोना संकट के समाधान मे इसकी भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लगते रहे।बार बार परस्पर विरोधी बयान,बड़े देशों के सन्दर्भ मे भूमिका,स्पष्ट निर्णय का अभाव,छोटे देशों को मदद न मिलना आदि ऐसे मुद्दे हैं जो कि डबल्यूएचओ को हमेशा कलंकित करते रहेंगे। 

आज विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हमे आवश्यकता है कि इस संगठन की भूमिका के परिपेक्ष मे देखें कि हम कहाँ हैं।"एक निष्पक्ष, स्वस्थ दुनिया का निर्माण" की दिशा में वास्तविक कार्य हो रहा है या फिर यह केवल एक नारा बनकर रह जायेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य है यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज अर्थात सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करना।यू.एच.सी का अर्थ है विश्व के सभी व्यक्तियों और समुदायों को वित्तीय कठिनाइयों से पीड़ित हुए बिना स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो।परंतु आज भी करोड़ों लोग स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं।इनको अपने स्वास्थ्य तथा अन्य खर्चों में से एक के चुनाव की चुनौती रहती है। आज एक ओर जहां मनुष्य भौतिक सुख सुविधाओं के नये कीर्तिमान बना रहा है वहीं स्वास्थ सेवाओं के संबंध में निम्न तथ्य चिंता का विषय हैं...
*विश्व की आधी आबादी के पास आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी कवरेज नही है।
*उसको कुपोषण या बीमारी से बचाने के लिए कोई प्राथमिकता नहीं है।
*उसको आज भी दूषित पानी एवं सीमित भोजन की समस्या का सामना करना पड़ता है। 
*स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उनकी रोटी, कपड़ा और मकान की स्थिति भी प्रभावित होती है।
*वो अपनी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा बीमारी आने पर खर्च करते हैं। 

निजी क्षेत्र में डॉ और पैथोलॉजी की फीस तथा दवा की कीमत गरीब आदमी को भी वही देनी पड़ती है जो समान्य या अमीर आदमी को।इसको इस समान्य उदाहरण से समझा जा सकता है।मान लीजिए कि एक बार एक इंसान के एक हफ्ते बीमार पड़ने पर 2000/रुपये का खर्च आता है (डॉक्टर की फीस रू 300/ पैथोलॉजी जांचे रू 500/ और दवा  रू 1200/)।अब जिस व्यक्ति की एक महीने की आमदनी रू एक लाख है,उसके लिए यह मात्र दो प्रतिशत होगी अर्थात एक दिन की आमदनी से कम। पचास हजार रूपये मासिक आमदनी वाले के लिए यह चार प्रतिशत होगी यानि कि एक दिन की आमदनी से कुछ ज्यादा। इसी प्रकार तीस हजार रू प्रति माह  आमदनी वाले के लिए दो दिन की आमदनी अर्थात 6.67 प्रतिशत।पांच सौ रूपये रोज की दिहाड़ी वाले के लिए ये है 13.33 प्रतिशत या चार दिन की आमदनी  और तीन-साढ़े तीन सौ रुपये रोज यानि कि दस हजार रुपये महीना कमाने वाले के लिए यह बीस प्रतिशत है। मतलब एक सप्ताह की बीमारी मे एक सप्ताह की दिहाड़ी खर्च हो जाएगी।अब दुर्भाग्य से कहीं कमाने वाला ही बीमार पड़ता है तो सोचिए क्या होगा?

ऐसी स्थिति में उसके पास जो छुट्टी जमा राशि बची होगी वह उसके इलाज और खाने में खर्च हो जाएगी।बहुत संभव है कि वह तुरंत किसी से ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने को मजबूर हो।यह काल्पनिक स्थित नहीं है।हमारे बहुत से साथियों जिनका समाज के निम्न आय वर्ग के लोगों से या उनकी जीवन शैली से परिचय रहा है, वह इस बात की पुष्टि करेंगे।समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग इन चीजों को अपने दैनिक जीवन में भुगत रहा है। डब्ल्यू. एच. ओ द्वारा निर्धारित यू. एच. सी के लक्ष्य पाने वाले देश अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्य और अन्य लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रगति करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य से लोगों की सीखने की क्षमता बढ़ती है, लोगों को गरीबी से छुटकारा मिलता है तथा अन्य अर्थिक विकास हेतु आधार मिलता है।इस दिशा मे जमीनी स्तर पर बहुत कार्य करने की आवश्यकता है। आइये हम सब संकल्प लें कि लोगों के स्वास्थ्य एवं अच्छे स्तर के लिए हमसे जो बन सकेगा वह कार्य हम करेंगे।

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