मीडिया Now - हलकेपन का दौर

हलकेपन का दौर

medianow 28-06-2021 13:15:58


दीपक असीम / ऐसे समय में जब शीर्ष पदों की गरिमा संकट में बताई जा रही है और आरोप लग रहा है कि घटियापन चरम पर है,  ऐसे में समझ नहीं पड़ता कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविद के वेतन वाले बयान को किस तरह लिया जाए। सबसे बड़ी बात यह कि आलोचक उस बयान को तथ्यों से परे और झूठ करार दे रहे हैं। अपने गांव की यात्रा  शाही रेल से करते हुए कानपुर के झीझक नामक रेल्वे स्टेशन पर भाषण देते हुए उन्होंने और बहुत सारी बातों के साथ यह भी कहा कि मुझे पांच लाख वेतन मिलता है, जिसमें से पौने तीन लाख रुपये टैक्स कट जाता है और मुझसे ज्यादा आय किसी टीचर की होगी।

देश में यह पहली बार है कि जब कोई राष्ट्रपति अपने मुंह से अपने वेतन की बात कर रहा है। कई बार ईर्षालु लोगों को ठंडा करने के लिए हम अपनी स्थिति बदतर बताते हैं। अमीर आदमी गरीबों के बीच बैठ कर कहता है कि दौलत से कोई फायदा नहीं रात को नींद की गोली खानी पड़ती है, दिन भर अपच रहती है। अगर इस भावना के तहत भी उन्होंने यह बात कही तो इतना तो कहना होगा कि ये बात किसी राष्ट्रपति को शोभा नहीं देती। सबसे बुरी बात यह है कि इसमें झूठ का पहलू लोगों ने ढूंढ लिया है। लोग नियम बता रहे हैं कि राष्ट्रपति को मिलने वाला वेतन आयकर मुक्त होता है। क्या राष्ट्रपति झूठ बोल रहे थे? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तो झूठ बोलने का आरोप लगता ही है, अब ये आरोप हमारे देश के राष्ट्रपति पर भी जा लगा? वाकई ये हलकेपन का दौर है। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग कब क्या कह जाएं और कितनी ओछी बात कर दें इसकी कल्पना नहीं की जा सकती। भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने शहीद हेमंत करकरे को शहीद मानने से इंकार कर दिया। यह तो उनकी शहादत का और देश का भी अपमान है।

क्या राष्ट्रपति पगार की खातिर बना जाता है। क्या राष्ट्रपति बनने वाला आदमी नौकरी करता है। उसे वेतन नहीं मानदेय मिलता है। अगर हिसाब लगाने बैठें तो रामनाथ कोविद ने जिस रेल से यात्रा की उसके भाड़े और इंतज़ाम पर कितना खर्च हुआ होगा। जिस राष्ट्रपति भवन में वे रहते हैं उसके रखरखाव पर कितना खर्च होता है। उनकी सुरक्षा पर और उनके मुफ्त खाने पीने रहने पर कितना लगता है। क्या राष्ट्रपति भवन में सब्जी लेने उनका नौकर उनसे पैसे लेकर जाता है या उनके घर का कोई आदमी झोला लेकर बाजार जाता है? इस पद को पैसे से जोड़ कर देखना बहुत ही ओछे मन और ओछे मनुज द्वारा ही संभव है।

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :