मीडिया Now - शालीन सियासत ने सजाया सेहरा

शालीन सियासत ने सजाया सेहरा

medianow 08-07-2021 15:58:31


अभयानंद कृष्ण / बीस सालों तक खामोश कदमों से राजनीति की रपटीली राहों पर चलते-बढ़ते पंकज चौधरी के सिर सजा मंत्री पद का सेहरा दरअसल उनकी शालीन सियासत का ही रिटर्न है। यह हासिल उनके मार्फत देश के एक छोर पर बसे छोटे से जिले महाराजगंज का भी है जिसका नाम पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में बुधवार की शाम पहली बार पुकारा गया। पंकज को केंद्रीय राज्यमंत्री का दर्जा मिला है। गोरखपुर नगर निगम से सियासत की शुरुआत करने वाले पंकज चौधरी वहां से डेप्युटी मेयर की उपलब्धि लेकर महराजगंज आए। यह मौका उन्हें यहां जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के सिलसिले ने थमाया था। फिर वह दसवीं लोकसभा के चुनाव में साल 1991 में देश की सबसे बड़ी पंचायत के लिए चुन लिए गए लेकिन जिले की पंचायत पर भी उनकी नजर बराबर रही। वह अपनी जड़ को मजबूत करने से कभी न चूके। हवा उनकी पार्टी के पक्ष में रही हो या खिलाफ, जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर वही बैठा जिसे पंकज ने उठाया। पूर्वांचल की राजनीति में यह उनकी कुशल कारीगरी मानी जाती है। हालांकि यह आसान नहीं था। सियासी पेचोखम को सुलझाते पंकज के सामने कई बार दोस्त भी दुश्मनी करते दिखे लेकिन उन्होंने हर बार बड़ी रेखा खींच कर सामने आई रेखा को छोटी किया। इसे सियासत की स्वाभाविक खूबी और खामी से अधिक न समझा। छठी बार सांसद बने पंकज चौधरी की प्रोफाइल में मंत्री का तमगा पहली बार जुटा है लेकिन खुद को जेंटल उन्होंने शुरुआत से ही रखा। दामन को किसी भी दाग से बचाया। पार्टी के मुस्तैद सिपाही की तरह जुटे रहे। तब भी जब आंधियां कई बार उठीं। सियासत के समझदार पंकज की इस उपलब्धि को पूर्वांचल में पिछड़े वर्ग के वोट को सहेजने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। इसका सच झूठ 2022 का विधानसभा चुनाव बताएगा फिलहाल भाजपा नेतृत्व यह बताने में कामयाब हुआ है कि ईमानदार कोशिशें फिर भी पहचान ली जाती हैं।
- लेखक मीडिया नाऊ के कार्यकारी संपादक हैं

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :