मीडिया Now - चारधाम यात्रा पर फिर कोरोना का साया, श्रद्धालुओं के लिए जारी होंगे ये गाइडलाइंस, होटलों की बुकिंग हो रही कैंसिल

चारधाम यात्रा पर फिर कोरोना का साया, श्रद्धालुओं के लिए जारी होंगे ये गाइडलाइंस, होटलों की बुकिंग हो रही कैंसिल

medianow 09-04-2021 15:38:18


देहरादून। उत्तराखंड में अगले माह से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना की आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य होगा। अप्रैल माह से एकाएक कोरोना का कहर बढ़ने से उत्तराखंड भी अछूता नहीं है। कई राज्यों ने तो अब कुछ शहरों में नाइट कर्फ्यू तक लगा दिया है। वहीं, उत्तराखंड में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं, जहां लॉकडाउन की स्थिति है। वर्तमान में चल रहे कुंभ मेले के आयोजन में भी शासन और प्रशासन अलर्ट है। 72 घंटे पहले तक की कोरोना रिपोर्ट के बगैर उत्तराखंड में प्रवेश प्रतिबंधित है। अब चारधाम यात्रा में भी कोरोना का साया नजर आ रहा है। 

उत्तराखंड में अगले माह से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना की आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य होगा। सरकार इस बार यात्रा को नियंत्रित करने की भी तैयारी कर रही है। धार्मिक स्थल की यात्री क्षमता के हिसाब से ही श्रद्धालुओं को आने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा जल्द मानक संचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी की जाएगी।

कपाट खुलने की तिथि 

इस साल सिखों के पवित्र स्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 10 मई को खुलेंगे। पिछले साल कोरोना काल के चलते हेमकुंड साहिब की यात्रा मात्र 36 दिन ही चली थी। वहीं हिंदुओं की आस्था के केंद्र श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई सोमवार को प्रात: 5 बजे, श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस यात्रावर्ष 18 मई को प्रात: 4 बजकर 15 मिनट, श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 14 मई को खुल रहे हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने से साथ ही चारधाम यात्रा की शुरूआत हो जाती है।

पिछले साल देरी से शुरू की गई थी यात्रा

प्रदेश में हर वर्ष होने वाली चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन करने आते हैं। बीते वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते यह यात्रा जून के बाद शुरू की गई थी। उस समय भी यात्रियों का कोरोना टेस्ट और निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया गया था। इस वर्ष यह यात्रा 14 मई से प्रस्तावित है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब सरकार कुंभ की तर्ज पर ही श्रद्धालुओं की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य कर रही है।

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