मीडिया Now - महिला नायब तहसीलदार का कारनामा, पद के रौब में भूली कानूनी मर्यादाएं

महिला नायब तहसीलदार का कारनामा, पद के रौब में भूली कानूनी मर्यादाएं

medianow 10-04-2021 22:14:30


धीरज चतुर्वेदी/ छतरपुर। किसी अधिकारी पर जब पद का सुरूर सिर चढ़ बोलने लगता है तो मर्यादा का भंग होना तय है। साथ ही जब कलेक्टर की खासमखास अधिकारी होने का टिका लगा हो तो हदे भी पार हो जाती है। ऐसा ही कुछ मामला शुक्रवार को देखने को मिला जब छतरपुर की नायब तहसीलदार अंजू लोधी ने जन औषधी केंद्र के संचालक अभय गुप्ता पर अपना व्यक्तिगत गुस्सा निकालते हुए उन्हें हथकड़ी लगवाकर थाने में बैठवा दिया गया। अभय गुप्ता का दोष इतना था कि वह अपना मेडिकल स्टोर बंद कर घर लौट रहे थे। 

महिला नायब तहसीलदार का यह कृत्य गंभीर मामला है जो उच्च न्यायालय के नियमों का सीधा उलंघन है। अभय गुप्ता पर धारा 151 की कार्यवाही भी विधि सम्मत नहीं है। महिला नायब तहसीलदार के इस कारनामें पर जिम्मेदार अधिकारी भी चुप है। जानकारी अनुसार छतरपुर शहर के सागर रोड पर अभय गुप्ता प्रधानमंत्री जन ओषधि केंद्र संचालित किये है। 9 अप्रेल शुक्रवार से मप्र के सभी नगरीय क्षेत्र में 60 घंटे का लॉक डाउन घोषित है जिसमे आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। शुक्रवार की रात करीब 8 बजे अभय गुप्ता अपना मेडिकल स्टोर बंद कर घर लौट रहा था। तभी छत्रसाल चौराहे पर नायब तहसीलदार अंजू लोधी ने उसे पकड़ लिया। 

अभय गुप्ता मास्क भी लगाये था और वह मैडम लोधी को बताता रहा कि वह मेडिकल स्टोर बंद कर घर जा रहा है, लेकिन मैडम उससे आई कार्ड मांगती रही। मैडम लोधी, पुलिस फ़ोर्स के साथ अभय गुप्ता कि बहस हुई जिससे मैडम को इतना गुस्सा आ गया कि उन्होंने अभय गुप्ता को कोतवाली में बंद करवा हथकड़ी लगवा दी। इसे ही कहते पद में मदहोशी का सुरूर जिसमे सभी कायदे क़ानून को ताक में रख दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार देश के प्रधानमंत्री की योजना के तहत मेडिकल स्टोर संचालित करने वाला अपराधी नहीं हो सकता।

अभय गुप्ता पर धारा 151 की कार्यवाही भी विधि के विरुद्ध की गई। जानकारों के अनुसार धारा 151 मात्र प्रतिबंधात्मक कार्यवाही है जिसमे सजा का प्रावधान नहीं है.। इन हालात में उसे हथकड़ी लगाना बेहद संवेंदनशील मामला है। सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघ्न है। ज्ञात हो कि नायब तहसीलदार अंजू लोधी अपने कारनामो से हमेशा चर्चाओ में रहती है।

कहा जाता है वह कलेक्टर की स्वजातीय होने से उनके बेहद करीबी अधिकारियो में गिनी जाती है। अभय गुप्ता के मामले में अगर यह पूरा प्रकरण हाई कोर्ट तक पहुँचता है तो मैडम अंजू लोधी सहित जिले के उच्च अधिकारियो के गले की फांस बन सकता है। ज्ञात हो की कुख्यात डॉन मुख्यत्यार अंसारी को पंजाब जेल से बाँदा जेल एम्बुलेंस से लाया गया है.जिसे भी हथकड़ी नहीं पहनाई गई थी। अब देखना है जिला कलेक्टर का महिला नायब तहसीलदार पर आशीर्वाद बना रहेगा या वह कोई कार्यवाही करेंगे।

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