मीडिया Now - चैत्र नवरात्रि कल, आज ही जुटा लें कलश स्थापना के लिए जरूरी ये सामग्री, जानें कब है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि कल, आज ही जुटा लें कलश स्थापना के लिए जरूरी ये सामग्री, जानें कब है घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

medianow 12-04-2021 14:06:29


नई दिल्ली। चैत्र मास की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने में चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल यानि कल से शुरू हो रहे हैं। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। इसके साथ ही नवरात्रि का पर्व शुरू हो जाता है। भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए नौ दिन तक उपवास भी रखते हैं। नवरात्रि की शुरूआत कलश स्थापना के साथ होती है। आइए जानते हैं उन पूजन सामग्री के बारे में जिसकी जरूरत आपको पूजा के दौरान पड़ सकती है। 

नवरात्रि पूजा की सामग्री- लाल रंग मां दुर्गा का सबसे खास रंग माना जाता है. इसलिए पूजा शुरू करने से पहले लाल रंग के आसन का इंतजाम कर लें। आप लाल रंग के कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा मां के लिए लाल चुनरी, कुमकुम, मिट्टी का पात्र, जौ, साफ की हुई मिट्टी, जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, लाल सूत्र, मौली, इलाइची, लौंग, कपूर, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, पानी वाला नारियल, फूल माला और नवरात्रि कलश मंगा लें। 

खाली ना चढ़ाएं लाल चुनरी- मां दुर्गा को खाली चुनरी कभी नहीं चढ़ानी चाहिए।  चुनरी के साथ सिंदूर, नारियल, पंचमेवा, मिष्ठान, फल, सुहाग का सामान चढ़ाने से मां खुश होती हैं और आर्शीवाद देती है। मां दुर्गा को चूड़ी, बिछिया, सिंदूर, महावर, बिंदी, काजल चढ़ाना चाहिए।

अखंड ज्योति के लिए- अगर आप नवरात्र‍ि में अखंड ज्योति जलाना चाहते हैं तो पीतल या मिट्टी का दीया साफ कर लें. जोत के लिए रूई की बत्ती, रोली या सिंदूर, चावल जरूर रखें।

हवन की भी कर लें तैयारी- नवरात्रि में रोज हवन करना चाहते हैं तो हवन सामग्री भी मंगाकर रख लें। हवन के बिना मां की पूजा अधूरी भी मानी जाती है। इसके लिए हवन कुंड, लौंग का जोड़ा, कपूर, सुपारी, गुग्ल, लोबान, घी, पांच मेवा और अक्षत का इंतजाम कर लें।

घटस्थापना का मुहूर्त- नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। घटस्थापना से ही नवरात्रि की पूजा शुरू होती है. घटस्थापना का मुहूर्त प्रात: 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। घटस्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में सात प्रकार के अनाज बोए जाते हैं। इसके बाद इस पात्र के ऊपर कलश की स्थापना करें।  

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