मीडिया Now - वृषभ लग्न उदय हो रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए और कटु संबधों को उजागर कर रहा है

वृषभ लग्न उदय हो रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए और कटु संबधों को उजागर कर रहा है

medianow 12-04-2021 19:54:20


जया सिंह / वृषभ लग्न उदय हो रहा है जो कि हमारे देश का लग्न भी है एवं चंद्रमा मीन राशि में रेवती नक्षत्र सूर्य के साथ स्थित है....
वर्ण- ब्राम्हण, वश्य-जलचर, नक्षत्र- रेवती, योनि-गज, राशि-गुरु, गण-देव, राशि-मीन, नाड़ी-अनत्ंय, तत्व-जल, पाया-स्वर्ण, नक्षत्र पाया-स्वर्ण,वर्ग-सिंह, योग-वैधृति, करण-नाग, अष्टम भाव- का मंगल से पीड़ित होना एवं पाप कर्तरी में होने के कारण हमारे भारत वर्ष के जनमानस के लिए यह वर्ष पीड़ा को लेकर आ रहा है। सप्तम भाव में केतु की स्थिति के साथ मंगल से दष्टिृ संबधं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए और कटु संबधों को उजागर कर रहा है।

जिस प्रकार से पूरे शीत युद्ध काल में भरता मजबूत सहयोगी रहा है और शीत युद्ध के बाद की स्थितियों में भारत की नजदीकी अमेरिका से बढ़ती जा रही है एवं रूस भी पिछले एक दशक से चीन के करीब आ रहा है साथ ही 2020 में समूह का तेजी से उभरना, ओपेक देशों चीन की तरफ झुकाव दूसरी तरफ भारत का वैश्वि क राजनीति में एक महत्वपूर्ण ताकत के तौर पर उभरना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई समीकरण को प्रकट करते हुए दिख रहा है। राहु एवं मंगल का लग्न में होना इसका सीधा अर्थ --आक्रमण या सैन्य बल का प्रयोग।

राहु मंगल का यह समीकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहतु सारे फेरबदल की संभावना को भी प्रकट करते हैं। यह युति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकस्मिक एवं हिसांत्मक दिखाई देती है। एक ऐतिहासिक घटना के रूप में याद की जाती है। अतः युद्ध की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। इन युतियों से संबधिंत अनके उदाहरण है जैसे -- सितबंर1939 विश्व युद्ध द्वितीय 11 सितबंर 2001 अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आक्रमण आदि। लग्नशे शुक्र का मंगल द्वादश के साथ स्थान परिवर्तन करना एवं शुक्र का द्वादश भाव में स्थित होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई संभावनाओं को प्रकट कर रहा है। आर्थिक गति विधियों के लिए असामान्य स्थि ति उत्पन्न कर रहा है। 

सप्तम भाव और छठे भाव का स्थान परिवर्तन एवंमंगल की स्थिति महामारी को भयानक रूप में दिखा रहा है। अष्टम भाव के स्वामी गुरु की दशम में स्थित है, चतुर्थेश सूर्य एकादश भाव में शनि से दष्टृ होने के कारण इस वर्ष कई राजनेताओं के लिए संकट का समय भी है। गुरु एवं शनि की दो-द्वादश स्थिति कई राजनेताओंके पदच्युति की संभावना को भी प्रकट कर रहा है। बगांल मे सत्ता परिवर्तन की सम्भावना।

नवम भाव में मकर राशि में शनि न्यायपालि का एवंधर्म संगत कार्यों को मजबूती और बढ़ावा मिलने की संभावना है। एकादश भाव में स्थित नीच का बुद्ध-शनि से पीड़ि त है सोशल मीडि या के कार्यों में नकारात्मक होने के संभावना दिखाई देती हैं। साथ ही नवम भाव के स्वामी की दष्टिृ इससे संबधिंत नए कानून लाने की संभावना को भी प्रकट कर रहे हैं।

आर्थिक तौर पर मंदी की संभावना के साथ-साथ नई योजनाओंकी संभावना को भी यह चार्ट प्रकट कर रहा है। शिक्षा के स्तर पर नई रूपरेखा तैयार की जा सकती है। प्राकृतिक दष्टिृकोण- से देश का मध्य भाग, उत्तरपूर्व एवं दक्षिण पश्चिम का भाग देश में प्राकृतिक रूप से ज्यादा संवेदनशील रह सकता है।
नवांश में कुंभ राशि का उदय होना अच्छी स्थिति को दिखा रहा है। शिक्षा व्यवस्था से संबधिंधित एवं आर्थिक कानूनों में बहुत सारे परिवर्तन किए जाने की संभावना को यह चार्ट प्रकट कर रहा है। इस प्रकार इस कुंडली को देख मेरा आप सभी लोगों से अनुरोध है सावधानी ही सुरक्षा है इस महामारी से अपने आप को बचाएं एवं नए सृजनात्मक एवं अनुकूल जीवन के लि ए संयम पूर्वक एवं वैज्ञानिक जीवन शैली को अपनाएं।

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