मीडिया Now - बैसाखी स्नान पर कुम्भ के कई मिथक टूटे

बैसाखी स्नान पर कुम्भ के कई मिथक टूटे

medianow 15-04-2021 16:22:53


हरिद्वार। कुम्भ में होने वाला बैसाखी स्नान कई वर्षों से विवादों और मिथक से भरा रहा है। हालांकि इस बार कुंभ में मेला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ के साथ ही मुस्तैदी ने बैसाखी स्नान के मिथक को तोड़ कर एक नया इतिहास रचा है। आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने एक बार फिर से अपनी अचूक रणनीति के चलते इस शाही को निर्बाध संपन्न कराया। जानकारों के अनुसार कुंभ के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि बैसाखी पर्व बिना किसी विवाद, दुर्घटना अथवा रंजिश पूर्ण घटनाओं से परे रहा हो।

यदि हम आजादी के बाद प्रथम कुम्भ जो 1950 में सम्पन्न हुआ को देखें तो जानकारी मिलती है कि बैसाखी पर्व 14 अप्रेल के शाही स्नान में हरकीपेडी में बेरियर टूटने से लगभग 50 से 60 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी। वहीं 1986 के महाकुम्भ में  बैसाखी पर्व में भीड़ के दवाब बढ़ने से 50 से 52 भक्त असमय ही काल ग्रसित हो गए थे। वर्ष 1998 का कुम्भ भी इस बुरी छाया से दूर न रह सका। इस महाकुम्भ के 14 अप्रैल के शाही स्नान के दौरान दो बड़े अखाड़ो के आपसी विवाद और लड़ाई से शाही स्नान बाधित हो गया। जबकि 2010 के बैसाखी पर्व शाही स्नान पर दुर्घटना में 07 व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी थी।

इस प्रकार देखते हैं कि आजादी के पश्चात महाकुम्भ के बैसाखी पर्व के शाही स्नान में कोई न कोई अड़चन आती ही रही है। पूर्व में निर्मल अखाड़ो का शाही स्नान समय सामंजस्य सही न होने के कारण अंधेरे में सम्पन्न होता था। जबकि इस महाकुम्भ में सभी शाही स्नान न वरन समय से पूर्ण हुए बल्कि आम श्रद्धालुओं को भी हरकी पेडी में स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह इतिहास का प्रथम स्नान है जिसमें सभी शाही स्नान में भव्य पुष्प वर्षा हेलीकॉप्टर के माध्यम से हुई है।

साथ ही महाकुम्भ के सभी स्नान विवादहित रहे और आम जनता में आकर्षक का केंद्र भी क्योकि पूर्व इतिहास में हम नजर डालते हैं तो पाते हैं कि पूर्व में शाही अखाड़ो के जुलूस इतने विराट और भव्य नही होते थे न ही इतनी अधिक संख्या में शाही रथ और वाहन इस्तेमाल होते हैं। इस महाकुम्भ में कुछ शाही अखाड़ों ने रिकॉर्ड 1100 से 1157 शाही वाहन अपने शाही स्नान जुलूस में इस्तेमाल किये किन्तु आईजी कुम्भ संजय गुंज्याल द्वारा तैयार अचूक रणनीति से कहीं भी कोई अप्रिय घटना नही हुई।

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