मीडिया Now - इजरायल ने क्या कोरोना को वाकई कर दिया ओम स्वाहा?

इजरायल ने क्या कोरोना को वाकई कर दिया ओम स्वाहा?

medianow 21-04-2021 18:21:25


नवीन जैन / क़रीब डेढ़ महीने पहले की बात है। भारत ने अपने विश्वस्त दोस्त इज़राइल से सफल मित्रता की तीसवीं वर्ष गाँठ मनाई थी। नई  दिल्ली में इसका जश्न भी मना था, मग़र यह दुखड़ा किसको सुनाया जाए कि इज़राइल से हम कुछ भी नहीं सीख  पाए,विशेषकर  कोविड 19 के दौर में। करीब प्रत्येक असभंव कार्य को सँभव कर दिखाने में सदा प्रतिबद्ध उक्त देश के सम्बंध में एक खुशनुमा खबर आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस ख़बर की माने ,तो इजरायल कदाचित दुनिया का पहला कोरोना मुक्त देश हो गया है। वहाँ के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यानहुने कोविड 19 से लगभग जीती हुई जंग के बारे में घोषणा की है कि इजरायलअब कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विश्व का नेतृत्व करने की स्थिति में  पहुंच रहा है। यह अनोखा देश सबसे पहले अपनी  राष्ट्र भक्ति के लिए जाना जाता है। भारत के लगभग सभी नेता बड़ी बड़ी हांकने या कहने दें कि फेंकने में अपना सानी नहीं रखते, जबकि इस्त्रायल कहता नहीं करके दिखाने में मशहूर माना जाता है।

कहा ,तो यहाँ तक जाता है कि वहाँ की सरकार ,औऱ प्रशासन अपने सामान्य नागरिक की जान ,स्वास्थ्य ,शिक्षा ,जीवन के आदर्श, आनंद ,आदि के लिए कोई भी कीमत चुका सकते है। सामान्य नागरिक की सुरक्षा का भी इस देश को उतना ही ध्यान रहता है जितना अपने प्रधानमंत्री की  सुरक्षा का। सोशल मीडिया ने बताया है कि इस्रायल में यह चमत्कार लगभग 81 फ़ीसद लोगों के सफल टीकाकरण से सम्भव हो पाया है ।बुरा समय आने के पहले  वहाँ की सरकार ,और सम्बनधित विभागों  ने कोई नरमी नहीं बरती भारत में ,तो कोविड अनूशासन के अनुष्ठान में  कुपढ  और,ढीठ  नेता एवं  जिम्मेदार लोग अक्सर ज़बानी ओम स्वाह करते रहे ,लेकिन इजरायल में 16 बरस ऊपर के  करीब 81 प्रतिशत  आबादी ने सफल टीकाकरण  करने के बाद मास्क  लगवाने का सख्त अनुशासन पूरी तरह समाप्त किया जा चुका है।

वहाँ के लगभग सभी स्कूल खोल दिए गए हैं । प्रशासन ने मास्क न लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।  ।कहा जाता है कि वहाँ सामान्य कानूनों में भी रेजीमेंटेशन ऊर्फ़ सैन्य कानून चलता है। सोशल मीडिया ने की खबर के अनुसार वहाँ  के प्रशासन ने सख्त आदेश दे दि हैं कि मास्क अब लगाएँ ही नहीं ,बल्कि उन्हें नष्ट कर दें ।इन सभी कामयाबियों के आधार प उक्त देश के प्रधानमंत्री घोषणा कर रहे हैं कोरोना महामारी के विरूद्ध लड़ाई में अब हम विश्व नायक बनने की स्तिथि में आ गए हैं।  भारत को चाहिए कि वह उनकी न सिर्फ़ पीठ थपथपाए ,बल्कि इस सदियों रुलाने वाली यादों से निकलने के लिए इस्रायल के साथ मिलकर नया रोड मैप तैयार करे।

सही है कि इस्रायल बेहद छोटा देश है । सो ,वहाँ की जनसंख्या भी बहुत कम है। इसीलिए ,हालात  पर समय रहते काबू पा लिया गया । लेकिन हालात देखकर  पहले से हमें अपने लोगों की जान बचाने का नक्शा  बना लेना चाहिए  था।  रेगिस्तान की सदियों से बंजर पड़ी जमीन में इजरायल के किसान ,जब हरियाली के गलीचे बिछा सकते हैं, तो मुर्दे को भी जिंदा रख सकते हैं।सनद रहे साहित्य ,तो फिर भी संवेदनशील होता है ,लेकिन इतिहास बड़ा निमर्म होता है। जो हो चुका ,उस पर ज़बान या कलम चलाने से क्या हासिल।बात ,तो तब बनेगी भारत जगत गुरु होने के सन्दर्भ ही नहीं देता रहे ,बल्कि जो जिम्मेदार हैं ,वे इस बात फिर सिद्ध करके दिखाएँ। अपना ,और अपनों का ध्यान रखें।वैसे ,भी आज राम नवमी है। शायद रामजी ही करेंगे बेड़ा पार ।उदासी मन तू काहे को डर ।इज़ाज़त ।

- लेखक एक वरिष्ठ पत्रकार हैं

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