मीडिया Now - देश भर में बनने थे 142 ऑक्सीजन प्लांट, एक ही ठेकेदार को दे दिया काम, अब ठेकेदार ग़ायब, नतीजा सबके सामने

देश भर में बनने थे 142 ऑक्सीजन प्लांट, एक ही ठेकेदार को दे दिया काम, अब ठेकेदार ग़ायब, नतीजा सबके सामने

medianow 29-04-2021 18:15:17


कोरोना की पहली लहर के दौरान ही पूरे देश भर में ऑक्सीजन प्लांट बनाने प्रस्तावित किए गए थे। इसके बावजूद ये योजना परवान नहीं चढ़ पाई। कोरोना की दूसरी लहर के रोद्र रूप धारण करने पर देश भर में इस समय ऑक्सीजन को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। सारी सरकारें एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। वहीं, विपक्ष भी इस मुद्दे पर राजनीति से बाज नहीं आ रहा है। कोरोना की पहली लहर के दौरान ही पूरे देश भर में ऑक्सीजन प्लांट बनाने प्रस्तावित किए गए थे। इसके बावजूद ये योजना परवान नहीं चढ़ पाई। नतीजा सबके सामने है और लोग ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे हैं।

एक ही ठेकेदार को दे दिया ठेका
 पूरे देश में करीब 142 ऑक्सीजन प्लांट बनाए जाने थे। इसका ठेका केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सिर्फ एक ठेकेदार को दिया गया। जिसमें 8 ऑक्सीजन प्लांट दिल्ली के भी शामिल थे। ऐसे में सिर्फ एक ठेकेदार के लिए जल्दी ऑक्सीजन प्लांट बनाना संभव नहीं था। पूरे देशभर में अधिकांश ऑक्सीजन प्लांट नहीं बने हैं, जिसकी वजह से ऑक्सीजन की दिक्कत हो रही है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि कोरोना के हालात के मद्देनजर जब हमें तत्काल ऑक्सीजन प्लांट की जरुरत थी तो सिर्फ एक ठेकेदार को ही ठेका क्यों दिया गया। 

दिल्ली में यहां लगाए जाने थे ऑक्सीजन प्लांट 
पीएम केयर फंड के जरिए दिल्ली के आठ अस्पतालों में पीएसए का ढांचा विकसित करना था। जानकारी के मुताबिक दीप चंद बंधू अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, डॉ. बीएसए अस्पताल, बुराड़ी अस्पताल, लोक नायक अस्पताल, अंबेडकर अस्पताल, जीटीबी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनाने थे। इनकी क्षमता करीब 5700 बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने की होती। आठ महीने में सिर्फ एक तैयार हो सका है।

पीएम केयर फंड से लगने थे प्लांट
 केंद्र सरकार की ओर से पीएम केयर फंड के जरिये अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगने थे। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को जिम्मेदारी सौंपी गई। ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली सरकार से जमीन मांगी। आठ अस्पतालों के अंदर दिल्ली सरकार की तरफ से जमीन उपलब्ध करवा दी गई थी, . लेकिन ठेकेदार ने सिर्फ एक प्लांट का निर्माण किया। 

भारत में हर दिन रिकॉर्ड बना रहा कोरोना
भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों की रफ्तार दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। रोज कोरोना मामलों का नया रिकॉर्ड बन रहा है। गुरुवार 29 अप्रैल की सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के करीब 3.8 लाख नए मामले सामने आए हैं। यानी 379257 नए कोविड-19 केस दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 3645 मरीजों की वायरस की वजह से मौत हुई है। कोरोना मामलों और कोरोना से होने वाली मौतों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 28 अप्रैल को 360960 नए संक्रमित मिले थे। वहीं, 3293 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई थी। साथ ही ये लगातार आठवां दिन है, जब एक दिन मे कोरोना के तीन लाख से ज्यादा संक्रमित मिले।

एक लाख से ज्यादा ने हराया कोरोना को

देश में संक्रमण के मामलों की कुल तादाद 1,83,76,524 हो गई है, जबकि 2,04,832 मरीज अब तक दम तोड़ चुके हैं। बीते 24 घंटे में एक लाख से ज्यादा लोग महामारी को हराने में कामयाब रहे हैं। अब तक कुल 1,50,86,878 लोग कोरोना संक्रमण से मु्क्त हो चुके हैं। नए मामलों में तेजी के साथ देश में एक्टिव केस की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। देश में कुल एक्टिव केस 30,84,814 हो गए।
 
उत्तराखंड में कहर जारी, 6954 नए संक्रमित
 उत्तराखंड में कोरोना का कहर जारी है। बुधवार 28 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट ने 24 घंटे के भीतर नए संक्रमितों और मौत के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। बुधवार को 6954 नए संक्रमित मिले। वहीं, 108 लोगों की मौत हुई। मंगलवार 27 अप्रैल को 5703 नए संक्रमित मिले और 96 लोगों की मौत हुई थी। इसी माह अप्रैल में ये चौथी बार है कि जब एक दिन में पांच हजार से ज्यादा संक्रमित मिले। वहीं, पहली बार छह हजार का आंकड़ा बुधवार को पार हुआ। वहीं प्रदेश में बुधवार को 506 केंद्र में 35898 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। वर्तमान में उत्तराखंड में 45383 लोग कोरोना से संक्रमित हैं और इलाज करा रहे हैं। वहीं, बुधवार को कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 3485 है। अब प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 168616 हो गई है। इनमें 117221 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। उत्तराखंड में अब तक कोरोना से 2417 लोगों की जान जा चुकी है।

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