मीडिया Now - ये सिस्टम पर बहते सिस्टम के आंसू हैं !

ये सिस्टम पर बहते सिस्टम के आंसू हैं !

medianow 30-04-2021 13:51:38


अभयानंद कृष्ण / नहीं कहेंगे गौर से देखिए इस वीडियो को। आप देखिए बस, बिना कोशिश गौर से देखने लग जायेंगे इसे। और जब आप देख रहे होंगे इसे, आप वाकिफ हो रहे होंगे इस सच से जिस पर पर्दा डालने की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन जिसकी बदसूरत शक्ल छिपाई नहीं जा पा रही। महराजगंज जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के आंसू सिस्टम के आंसू हैं। सिस्टम पर आंसू हैं। आंसू पोछने वाले हाथ के आंसू हैं। तकलीफ या खुशी जब संभाली नहीं जा पाती तो जो निर्झर निकलता है वह आंसू कहलाता है। ये वही आंसू हैं..तकलीफ के। बेबसी के..। उस एहसास के आंसू जो सफेद कोट पहनते हुए उभरे होंगें..।

छोटे से जिले लेकिन बड़ी सी जिम्मेदारी उठाने वाला महराजगंज का जिला अस्पताल कोविड के प्रकोप से वैसे ही जूझ रहा जैसे इस जैसे दूसरे जिलों की स्वास्थ्य सेवाएं जूझ रही हैं। लेकिन यहां सीएमएस ए के राय टूट पड़े अचानक जब शुक्रवार को उनके सामने तीमारदार इंजेक्शन, दवाएं और दूसरी ऐसी सुविधाएं मांगने पहुंचे।  कोई हैरत नहीं कि बड़ा वाला सिस्टम इस छोटे सिस्टम की इस संवेदना पर आपत्ति जताए। बताए कि जिम्मेदारों को आंसू भी बहाने का हक नहीं। लेकिन दुनिया के किसी भी सिस्टम के पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि क्या आंसू सिर्फ आंखों में हुए किसी रसायनिक तब्दीली भर का नाम है..?

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